Nepal Flash Flood: नेपाल में फ्लैश फ्लड से 579 मौतें, 977 से ज्यादा लापता; भारत ने भेजी तीसरी राहत उड़ान

नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड से 579 लोगों की मौत और 977 से अधिक लोग लापता हैं। 14 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू में जुटे हैं। भारत ने 10 टन राहत सामग्री के साथ तीसरी उड़ान भेजी।

काठमांडू। पड़ोसी देश नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद तीसरे दिन भी राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, बाढ़ में अब तक कम से कम 579 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 977 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक तिब्बत में भी कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है। इस तरह नेपाल और चीन में मृतकों की संख्या बढ़कर 584 हो गई है। दोनों देशों में मिलाकर करीब 2,500 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

नेपाल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 14 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। अब तक करीब 3,742 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। मलबे, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और नदी घाटियों में फंसे लोगों की तलाश लगातार जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, फ्लैश फ्लड ग्लेशियर के ढहने के बाद बर्फ, चट्टानों और मलबे के भारी बहाव के कारण आई। शुरुआती स्तर पर भूकंप को संभावित वजह माना जा रहा था, लेकिन बाद में ग्लेशियर ढहने को इस आपदा की प्रमुख वजह बताया गया। विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बदलती परिस्थितियों के संभावित प्रभावों का भी अध्ययन कर रहे हैं।

इस बीच भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, चीन से 149 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं। इनमें भारतीय नागरिकों का एक समूह भी शामिल है, जिसमें 53 लोग थे और इनमें महाराष्ट्र के 37 नागरिक शामिल बताए गए हैं। सभी को सुरक्षित काठमांडू पहुंचा दिया गया है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि भारत की तीसरी राहत उड़ान 10 टन मानवीय सहायता लेकर काठमांडू के लिए रवाना हुई है। इसमें पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, भोजन के पैकेट और पानी साफ करने वाली गोलियां शामिल हैं। राहत उड़ान में डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रेकी टीम के 11 सदस्य भी शामिल हैं।

उधर, चीन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक भोटेकोशी नदी में एक बार फिर बाढ़ का पानी बढ़ने से खतरा पैदा हो गया है। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को मुंग्लिन तक बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है।

तिब्बत की तरफ एक बांध टूटने की जानकारी के बाद नेपाली पुलिस ने भी नया अलर्ट जारी किया है। राहत और बचाव कार्य में लगे सुरक्षाकर्मियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति की निगरानी की जा रही है।

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के नेपाल सीमा से लगे इलाकों में भी फ्लैश फ्लड का असर पड़ा है। यहां कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है। प्रभावित इलाकों से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

चीन की ओर से संभावित एक अन्य खतरे को लेकर भी चेतावनी दी गई है। मडस्लाइड के बाद बनी एक झील में पानी लगातार जमा हो रहा है। अगले तीन दिनों में भारी बारिश का अनुमान होने के कारण झील के तटबंध पर दबाव बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा होने की आशंका जताई गई है। शिन्हुआ के अनुसार, अगले तीन दिनों में झील में करीब 30 लाख घन मीटर पानी जमा हो सकता है।

नेपाल में आई यह आपदा वर्ष 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश का अभियान जारी है। भारत समेत कई स्तरों पर राहत एवं बचाव प्रयास तेज किए गए हैं।

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