नफरत की दीवारों पर भारी पड़ा भाईचारा, मुस्लिम बहन ने पत्रकार को बांधी राखी

शिक्षामित्र निशात फातिमा ने वर्षों पुरानी भाई-बहन की परंपरा निभाई, बोलीं—राम और रहीम को कोई अलग नहीं कर सकता

 

शहरी चौपाल ब्यूरो 

नकुड़ (सहारनपुर)। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नकुड़ में हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी प्रेम और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात निशात फातिमा ने अपने मुंह बोले भाई एवं पत्रकार मनोज धनगर की कलाई पर राखी बांधकर उनकी खुशहाली और दीर्घायु की कामना की। इस दौरान दोनों के बीच वर्षों से चले आ रहे भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता भी देखने को मिली।

निशात फातिमा पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन के अवसर पर मनोज धनगर को राखी बांधती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार किसी एक धर्म या समुदाय के नहीं होते, बल्कि सभी को मिलजुलकर प्रेम और सौहार्द के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मनोज भाई उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते हैं, इसलिए वह उन्हें अपना भाई मानती हैं और हर वर्ष राखी बांधती हैं।

उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में कुछ लोग हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच नफरत के बीज बोकर अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने का प्रयास करते हैं, लेकिन समाज में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो आपसी प्रेम और भाईचारे को महत्व देते हैं। जब तक समाज में भाई-बहन जैसे प्रेमपूर्ण रिश्ते कायम हैं, तब तक नफरत की ताकतें सफल नहीं हो सकतीं। “राम और रहीम को कोई अलग नहीं कर सकता।”

वहीं पत्रकार मनोज धनगर ने अपनी मुंह बोली बहन निशात फातिमा से राखी बंधवाते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि भाई के रूप में वह हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता धर्म से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और इंसानियत से बना है और इसे हमेशा इसी तरह निभाया जाएगा।

रक्षाबंधन के अवसर पर सामने आई यह तस्वीर सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश देती नजर आई। दोनों ने कहा कि आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करना ही समाज और देश की वास्तविक ताकत है।

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