शहरी चौपाल
नई दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम के अचानक बदले मिजाज से आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और तेज हवाओं के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं का असर
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर भवनों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को भी मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत दी गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली का खतरा
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में पानी भरने के साथ स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखने और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलेगा
IMD के अलर्ट में राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के कई हिस्से भी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी बारिश से सड़क यातायात और स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
प्रशासन को जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने को कहा गया है।
उत्तराखंड-हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण खतरा और बढ़ गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने की आशंका बनी हुई है।
पहाड़ों में होने वाली भारी बारिश का असर मैदानी इलाकों में बहने वाली नदियों पर भी पड़ता है। गंगा, यमुना सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
40-50 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने बारिश के साथ तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है। कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के दौरान पेड़ और कमजोर ढांचे गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने पर पेड़ों, होर्डिंग, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूरी बनाए रखें। वाहन चालकों को भी खराब मौसम और कम दृश्यता के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। बेहद खराब मौसम की स्थिति में गैरजरूरी यात्रा से बचना सुरक्षित रहेगा।
किसानों के लिए भी जारी हुई सलाह
बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली की संभावना के दौरान खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है। पशुओं को भी खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
फिलहाल देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के बीच प्रशासन सतर्क है। लोगों से सावधानी बरतने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।








