Saharanpur News: कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर चला बुलडोजर, पांचों गेट सील; सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर प्रशासन ने शनिवार सुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। पांचों गेट सील किए गए और भारी पुलिस-आरआरएफ तैनात रहा। कैराना सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद में शनिवार सुबह प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट सील कर दिए गए और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस एवं आरआरएफ बल तैनात रहा। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की फुट पेट्रोलिंग और निगरानी भी बढ़ाई गई।

प्रशासन के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद का निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई थी। प्रशासन का कहना है कि सुनवाई के बाद मस्जिद निर्माण को अवैध घोषित किया गया और संबंधित पक्ष पर 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद मस्जिद समिति की ओर से आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की गई।

बताया गया कि 24 मार्च 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई थी। मामले में सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद निर्माण को अवैध करार दिया था। इसी आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष की ओर से 20 जुलाई 2026 को जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की गई।

जिला जज की अदालत में मामले की 17 तारीखों पर सुनवाई होने के बाद दो सितंबर को फैसला सुनाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

पहले रात में सीलिंग की बात से बढ़ा था भ्रम

मस्जिद प्रकरण को लेकर शुक्रवार रात से ही सहारनपुर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। मस्जिद को तोड़े जाने की सूचना तेजी से फैलने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जिलाधिकारी से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली थी। नेताओं के अनुसार, रात में उन्हें बताया गया था कि मस्जिद को केवल सील किया जा रहा है और उसे नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

हालांकि, शनिवार सुबह जब प्रशासन की कार्रवाई शुरू हुई तो कलेक्ट्रेट परिसर में बुलडोजर पहुंचा और मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके बाद मामले को लेकर शहर में चर्चाएं और तेज हो गईं।

डीआईजी ने कहा- निर्धारित प्रक्रिया के बाद हुई कार्रवाई

सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि मस्जिद के संबंध में नोटिस, सुनवाई और अपील सहित निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

प्रशासन ने कार्रवाई से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया था। त्योहारों के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पांच कंपनी पीएसी और आरआरएफ की तैनाती की गई। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च कराया गया। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को भी हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि वह सहारनपुर जाने के लिए निकल रही थीं। इसी दौरान उनके आवास पर पुलिस बल पहुंचा और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया गया।

इकरा हसन ने कहा कि वह सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के संबंध में अधिकारियों से मिलना चाहती थीं और क्षेत्र की जनता की आवाज प्रशासन के सामने रखना चाहती थीं। उन्होंने घर से बाहर जाने से रोके जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि का जनता से जुड़े मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना अपराध नहीं है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता की आवाज उठाने के लिए चुने जाते हैं और उन्हें रोककर उस आवाज को दबाया नहीं जा सकता। वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।

कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। पांचों गेट बंद रखे गए और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रही। शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई सामग्री साझा न करें।

फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सहारनपुर में सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है और अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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