शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, दुर्घटनाओं की रोकथाम करने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यातायात निदेशालय के निर्देश पर शनिवार, 5 सितंबर को सहारनपुर यातायात पुलिस ने जनपद में व्यापक चेकिंग एवं जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान प्रमुख टोल प्लाजा, देहरादून एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर वाहनों की सघन जांच की गई। पुलिस ने विशेष रूप से ड्रिंक एंड ड्राइव और निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वालों पर निगरानी रखी।

यातायात पुलिस की ओर से कोलकी टोल प्लाजा, सैयद माजरा टोल, गणेशपुर टोल और सरसावा टोल पर ड्रिंक एंड ड्राइव की सघन चेकिंग की गई। इस दौरान वाहन चालकों की जांच करने के साथ उन्हें नशे की हालत में वाहन न चलाने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को समझाया कि शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाना न केवल स्वयं के लिए बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
अभियान के दौरान देहरादून एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर इंटरसेप्टर के माध्यम से ओवर स्पीडिंग करने वाले वाहनों की भी जांच की गई। निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज गति में वाहन चलाने वालों पर यातायात पुलिस की विशेष नजर रही। पुलिस ने वाहन चालकों को बताया कि तेज रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल है और थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

340 वाहनों के चालान, छह लाख से अधिक जुर्माना
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई भी की। अभियान के दौरान कुल 340 चालान किए गए। इन चालानों के माध्यम से छह लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस ने अभियान के दौरान वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। चालकों से निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने की अपील की गई। पुलिस ने कहा कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं हैं, बल्कि सड़क पर वाहन चालक और दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं।
नशे में वाहन चलाने से बचने की अपील
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की। पुलिस के अनुसार शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में चालक का वाहन पर नियंत्रण और प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसी तरह तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर अचानक सामने आए किसी व्यक्ति, वाहन या बाधा से बचना मुश्किल हो सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति ने शराब का सेवन किया है तो वह स्वयं वाहन चलाने के बजाय किसी सुरक्षित वैकल्पिक साधन का इस्तेमाल करे। परिवार के सदस्यों और दोस्तों से भी आग्रह किया गया कि वे नशे में वाहन चलाने वाले व्यक्ति को वाहन लेकर सड़क पर न जाने दें।
हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल पर जोर
अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा कार चालकों एवं उसमें सवार लोगों को सीट बेल्ट का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया गया। यातायात पुलिस ने कहा कि सड़क पर छोटी-सी सावधानी भी दुर्घटना की स्थिति में जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इसके साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की भी अपील की गई। पुलिस ने कहा कि मोबाइल फोन पर बात करना, मैसेज करना या अन्य किसी तरह से फोन का इस्तेमाल करना चालक का ध्यान सड़क से हटा सकता है। कुछ सेकंड की यह लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
यातायात पुलिस ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए चेकिंग के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी जारी रखा जाएगा। प्रमुख मार्गों, हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव समेत अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक वाहन चालक और सड़क उपयोगकर्ता की सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का पालन करके लोग स्वयं भी सुरक्षित रह सकते हैं और दूसरों की जिंदगी को भी सुरक्षित बना सकते हैं।
यातायात पुलिस ने संदेश दिया कि सड़क पर आपकी एक छोटी-सी सावधानी किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है। लोगों से नशे में वाहन न चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने की अपील की गई।








