शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले की जांच तेज हो गई है। अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी जांच में सक्रिय भूमिका संभाल ली है। शनिवार को देहरादून से एनआईए के सीओ रैंक के दो अधिकारी पीएनबी की करेंसी चेस्ट पहुंचे और बैंक अधिकारियों को बाहर कर चेस्ट से जुड़े रिकॉर्ड व अन्य पहलुओं की जांच की।
पीएनबी की करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट पहुंचने का स्रोत अभी तक सामने नहीं आया है। मामले की जांच एसआईटी, आरबीआई, पंजाब नेशनल बैंक और पुलिस की टीमें कर रही हैं। इनके अलावा एनआईए की टीम भी जाली नोटों के स्रोत और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
शनिवार को एनआईए के दोनों अधिकारियों ने करेंसी चेस्ट से संबंधित व्यवस्थाओं, उपलब्ध रिकॉर्ड और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। टीम ने जांच में जुटे अधिकारियों से भी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि करेंसी चेस्ट में नकदी के रखरखाव और उसके हस्तांतरण की प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी किस स्तर पर हुई।
अधिकारियों की निगाह करेंसी चेस्ट के रिकॉर्ड और नकदी के मिलान के साथ उन परिस्थितियों पर भी है, जिनके जरिये जाली नोटों के मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सके। बताया गया है कि करेंसी चेस्ट से बैंक अधिकारियों को बाहर कर दिया गया है। शनिवार को करेंसी चेस्ट को सील किए जाने की भी चर्चा रही, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वहीं, शनिवार को एसआईटी ने भी करेंसी चेस्ट पहुंचकर जांच की और मामले से जुड़े एक-एक बिंदु की गहनता से पड़ताल की। पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, लेकिन अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पीएनबी की करेंसी चेस्ट से जाली नोट मिलने के मामले की जांच चल रही है। एनआईए की टीम भी मामले की जांच कर रही है और उसके अधिकारी करेंसी चेस्ट पहुंचकर जांच कर रहे हैं।








