RERA Rules: नया घर मिलने के बाद 5 साल तक बिल्डर की जिम्मेदारी, खराबी पर ऐसे मिलेगा मुआवजा

घर का कब्जा मिलने के बाद कुछ मामलों में पांच साल तक बिल्डर की जिम्मेदारी रहती है। निर्माण संबंधी खामी पर बिल्डर को बिना शुल्क मरम्मत करनी होती है। कार्रवाई न होने पर RERA में मुआवजे की मांग की जा सकती है।

नई दिल्ली। नया घर खरीदने के बाद चाबी हाथ में आते ही ज्यादातर खरीदार मान लेते हैं कि अब घर से जुड़ी हर जिम्मेदारी उनकी है। लेकिन रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (RERA), 2016 के तहत कुछ परिस्थितियों में घर का कब्जा मिलने के बाद भी बिल्डर यानी प्रमोटर की जिम्मेदारी बनी रहती है। घर की दीवारों में दरार, फर्श में खराबी, प्लंबिंग या अन्य निर्माण संबंधी खामी सामने आने पर खरीदार बिल्डर से उसे ठीक कराने की मांग कर सकता है।

RERA की धारा 14 के तहत RERA के दायरे में आने वाले प्रोजेक्ट में स्ट्रक्चरल डिफेक्ट और निर्माण की गुणवत्ता, काम, सेवाओं या एग्रीमेंट से संबंधित तय खामियों के लिए प्रमोटर जिम्मेदार हो सकता है। यह जिम्मेदारी घर का कब्जा मिलने की तारीख से पांच साल तक बनी रहती है।

खरीदार को इस अवधि के दौरान सामने आई खामी की जानकारी बिल्डर को देनी जरूरी है। शिकायत मिलने के बाद प्रमोटर को बिना अतिरिक्त शुल्क लिए संबंधित कमी दूर करनी होती है। कानून के मुताबिक इसके लिए सामान्य तौर पर 30 दिन की अवधि निर्धारित है। हालांकि, खामी की प्रकृति और मामले के तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

घर में खराबी सामने आने पर केवल साइट मैनेजर या बिल्डर के कर्मचारी को फोन करके शिकायत करना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। खरीदार को शिकायत लिखित रूप में करनी चाहिए। शिकायत में खामी सामने आने की तारीख, समस्या का स्पष्ट विवरण और उसे ठीक कराने की मांग दर्ज होनी चाहिए। इसके साथ फोटो, वीडियो, ईमेल, निरीक्षण रिपोर्ट और बिल्डर से हुई बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है। गंभीर स्ट्रक्चरल समस्या होने पर स्वतंत्र इंजीनियर या योग्य विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी उपयोगी साबित हो सकती है।

अगर बिल्डर निर्धारित समय में खामी दूर नहीं करता है तो खरीदार RERA के तहत उचित मुआवजे की मांग कर सकता है। मुआवजे की कोई एक निश्चित रकम कानून में तय नहीं है। यह मामले की परिस्थितियों, खामी की प्रकृति और खरीदार को हुए नुकसान के आधार पर निर्धारित हो सकती है।

ऐसी स्थिति में खरीदार को पहले प्रमोटर को औपचारिक शिकायत या पत्र भेजना चाहिए। इसमें खामी की तारीख, समस्या का पूरा विवरण और मरम्मत की मांग स्पष्ट रूप से दर्ज की जानी चाहिए। कब्जा पत्र, सेल एग्रीमेंट, फोटो-वीडियो, निरीक्षण रिपोर्ट, ईमेल और बिल्डर के साथ हुई बातचीत से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखना चाहिए।

RERA की धारा 31 के तहत पीड़ित होमबायर संबंधित राज्य की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी या मामले के अनुसार Adjudicating Officer के समक्ष शिकायत कर सकता है। किस मंच पर शिकायत की जानी है, यह दावे की प्रकृति और संबंधित राज्य की RERA प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

होमबायर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पांच साल की अवधि घर का कब्जा मिलने की तारीख से गिनी जाती है। इसलिए घर में निर्माण या अन्य संबंधित खामी नजर आने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते बिल्डर को लिखित शिकायत करना और सभी जरूरी सबूत सुरक्षित रखना बेहतर है।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य