Saharanpur News: कलक्ट्रेट में 18 घंटे में बदली तस्वीर, मस्जिद की जगह समतल जमीन; नीचे मिला कुआं

सहारनपुर कलक्ट्रेट में मस्जिद ध्वस्तीकरण के करीब 18 घंटे बाद पूरी तस्वीर बदल गई। मस्जिद की जगह समतल जमीन मिली, जबकि मलबा हटाने के दौरान 20 से 22 फीट गहरा कुआं मिला। प्रशासन ने एएसआई से संपर्क किया है।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के करीब 18 घंटे बाद परिसर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। जहां दो मंजिला मस्जिद की इमारत खड़ी थी, वहां अब समतल जमीन नजर आ रही है। प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के बाद निकले मलबे को भी हटाकर खाली पड़ी सरकारी जमीन पर डलवा दिया। रविवार सुबह तक मस्जिद का अधिकांश मलबा परिसर से बाहर किया जा चुका था और मौके पर केवल इधर-उधर कुछ ईंटें पड़ी दिखाई दीं।

कलक्ट्रेट परिसर में करीब 315 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनी मस्जिद को प्रशासन की ओर से अवैध करार दिए जाने के बाद बेदखली की कार्रवाई की गई। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई देर रात तक चली और रविवार तड़के तक मलबा हटाने का काम जारी रहा। करीब 18 घंटे में पूरी जगह को खाली कर समतल कर दिया गया।

बताया गया कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत की ओर से मस्जिद को अवैध करार दिया गया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कलक्ट्रेट परिसर के पांचों द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। तनाव की आशंका को देखते हुए आसपास के जिलों से भी फोर्स बुलाया गया था।

प्रशासन ने शुक्रवार रात से ही कलक्ट्रेट परिसर की घेराबंदी कर सुरक्षा बल तैनात कर दिया था। शनिवार सुबह करीब पांच बजे डंपर और जेसीबी परिसर में पहुंचने शुरू हुए। इसके करीब ढाई घंटे बाद साढ़े सात बजे बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। करीब पांच घंटे में दो मंजिला मस्जिद की इमारत को पूरी तरह ढहा दिया गया। कार्रवाई में सात बुलडोजर और 12 डंपरों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई। मलबे को वाहनों के जरिए परिसर से बाहर ले जाया गया।

ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने के दौरान मस्जिद के नीचे एक कुआं मिलने से मामला चर्चा में आ गया। प्रशासन की टीम को मलबे के बीच एक कंक्रीट का स्लैब मिला। बुलडोजर से स्लैब हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पोकलैंड मशीन की मदद से स्लैब हटाया गया। स्लैब के नीचे करीब डेढ़ मीटर व्यास और 20 से 22 फीट गहरा कुआं मिला। कुएं के अंदर भी मलबा भरा होने के कारण इसकी वास्तविक गहराई अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।

कुआं पुरानी लखौरी ईंटों से बना हुआ प्रतीत हो रहा है। उसके ऊपर कंक्रीट का स्लैब डालकर उसे ढका गया था। कुआं मिलने के बाद प्रशासन ने इसके इतिहास और निर्माण काल का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से संपर्क किया है। प्रशासन का कहना है कि सर्वे और विशेषज्ञों की जांच के बाद ही कुएं की वास्तविक प्राचीनता और इतिहास के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक और मुख्य शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने कुआं मिलने के बाद इसे देवस्थान होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कुआं पूजनीय माना जाता है और जहां कुआं होता है, वहां देवस्थान होने की संभावना रहती है। उन्होंने प्रशासन से कुएं का पुरातात्विक सर्वे कराने और यह पता लगाने की मांग की कि कुआं कितना पुराना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संभव है कि किसी पूजित स्थान को हटाकर बाद में मस्जिद का निर्माण किया गया हो। हालांकि, इन दावों की पुष्टि एएसआई की जांच और सर्वे के बाद ही हो सकेगी।

एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि बेदखली की कार्रवाई के बाद मलबा हटाया जा रहा था, इसी दौरान कुआं मिला है। इस संबंध में एएसआई से संपर्क किया जा रहा है। सर्वे और जांच के बाद ही पता चलेगा कि कुआं कितना पुराना है।

उधर, डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की ओर से अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन और पुलिस की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य