राजकुमार शर्मा
नागल (सहारनपुर)। एक ओर स्वास्थ्य विभाग संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अभियान चलाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर कस्बे में जनसेवा के लिए लगाए गए शीतल पेयजल संयंत्रों की बदहाल सफाई व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कस्बे के गोगाम्हाड़ी, माता मंदिर, शिव मंदिर सहित कई स्थानों पर विकास विभाग की ओर से ग्राम पंचायत निधि से लगाए गए वाटर कूलरों के पानी में कीड़े मिलने से कस्बावासियों में भारी रोष है। पानी में कीड़े निकलने का मामला सामने आने के बाद लोगों ने वाटर कूलरों की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
कस्बावासियों का आरोप है कि लोगों को शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाटर कूलर तो स्थापित कर दिए गए, लेकिन उनकी नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण वाटर कूलरों में गंदगी जमा होने और कीड़े पड़ने की शिकायत सामने आई है। पानी में कीड़े देखकर लोगों ने इसका इस्तेमाल करने से भी परहेज शुरू कर दिया है।
लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में राहगीरों और ग्रामीणों के लिए ये वाटर कूलर बड़ी सुविधा साबित हो सकते हैं, लेकिन यदि पेयजल संयंत्रों की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं किया गया तो जनसेवा की यह व्यवस्था लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। कस्बावासियों ने बताया कि संबंधित कर्मचारी को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद समय रहते सफाई नहीं कराई गई।
मामला सामने आने के बाद कस्बावासियों ने खंड विकास अधिकारी से सभी वाटर कूलरों की तत्काल सफाई कराने, उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पेयजल की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की मांग की है।
उधर, सहायक खंड विकास अधिकारी पंचायत प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। शीघ्र ही सभी वाटर कूलरों की सफाई कराकर आवश्यक अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कराई जाएंगी।








