Saharanpur News: मस्जिद प्रकरण पर सहारनपुर में सियासी हाईवोल्टेज ड्रामा, सपा डेलिगेशन रोका

कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण को लेकर सहारनपुर में सियासी हलचल तेज रही। सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मंडलायुक्त से मिलने से रोका गया। कई नेता नजरबंद रहे, जबकि शायान मसूद को हिरासत में लिया गया।

मनोज मिड्ढा 

सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद प्रकरण को लेकर सोमवार को सहारनपुर में दिनभर सियासी हलचल चरम पर रही। समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मंडलायुक्त से मिलने से रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन की सक्रियता के चलते सर्किट हाउस से लेकर सपा नेताओं के आवास तक दिनभर हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। कलेक्ट्रेट और सर्किट हाउस दोनों स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। जिला मुख्यालय पर आने-जाने वाले लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई, जबकि डॉग स्क्वायड ने भी परिसर को खंगाला।

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के निर्देश पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद प्रकरण की जानकारी लेने और मंडलायुक्त से मुलाकात के लिए सपा का 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सहारनपुर पहुंचना था। पार्टी की ओर से मंडलायुक्त से मुलाकात का कार्यक्रम तय किया गया था। हालांकि, रविवार रात से ही कई सपा नेताओं के आवासों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस की निगरानी के बावजूद सोमवार को सपा के कई वरिष्ठ नेता सर्किट हाउस पहुंच गए।

सर्किट हाउस पहुंचने वालों में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक उमर अली खान, विधायक आशु मलिक, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद समेत कई नेता शामिल रहे। सपा नेताओं के सर्किट हाउस पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें वहीं रोक लिया और नजरबंद कर दिया। इस दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।

इसी बीच सपा नेता शायान मसूद भी सर्किट हाउस पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट के बाहर ही रोक लिया। बाद में पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। शायान मसूद को हिरासत में लिए जाने की सूचना के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी दिखाई दी।

सपा नेताओं के पहुंचने के बाद सर्किट हाउस को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस के साथ आरआरएफ के जवानों की भी तैनाती की गई। सर्किट हाउस के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल की मौजूदगी के चलते किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पूरे दिन सर्किट हाउस के आसपास राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।

उधर, कलेक्ट्रेट परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। जिला मुख्यालय के मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। कलेक्ट्रेट में आने वाले लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। इसके अलावा डॉग स्क्वायड की टीम ने भी परिसर और आसपास के स्थानों की जांच की। प्रशासन की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

सपा नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल को मंडलायुक्त से मिलने से रोके जाने पर नाराजगी जताई। पार्टी नेताओं का कहना था कि जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाने जैसा है। नेताओं ने कहा कि मस्जिद प्रकरण को लेकर पार्टी तथ्यों की जानकारी लेने और अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखने के लिए मंडलायुक्त से मुलाकात करना चाहती थी।

वहीं, प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जाने की बात कही गई। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखा।

मस्जिद प्रकरण को लेकर सोमवार को सहारनपुर में सियासत और प्रशासनिक कार्रवाई आमने-सामने दिखाई दी। सर्किट हाउस और कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच दिनभर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। सपा नेताओं को रोकने और कई नेताओं को नजरबंद किए जाने के घटनाक्रम ने शहर की राजनीतिक गतिविधियों को पूरी तरह केंद्र में ला दिया। देर शाम तक भी प्रशासन और सपा नेताओं के बीच तनातनी का माहौल बना रहा।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य