नई दिल्ली, । दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में मरम्मत के दौरान पीजी की बहुमंजिला इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने मकान मालकिन, उनके सेवानिवृत्त वायुसेना पति और बेटे को गिरफ्तार किया है। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर चलाया गया राहत एवं बचाव अभियान अब पूरा कर लिया गया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, उनके 81 वर्षीय पति हरीराम गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम पर है, जबकि भवन का प्रबंधन और संचालन हरीराम गुप्ता तथा महेश गुप्ता कर रहे थे। हरीराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट बताए गए हैं। भवन की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी उनके नाम पर होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार, हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे उस समय हुआ, जब भवन में मरम्मत का काम चल रहा था। इमारत में छात्रों के लिए लड़कों का पेइंग गेस्ट आवास संचालित था। मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें सात ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि पांच का उपचार जारी है।
हादसे के बाद हरीराम गुप्ता के कथित रूप से फरार होने की भी जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार घटना के समय वह गुरुग्राम में थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और वहां से निकल गए। पुलिस ने तलाश तेज करते हुए उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया तथा आसपास के राज्यों और हवाई अड्डों को भी उनकी जानकारी साझा की। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए करीब 10 टीमें गठित की थीं, जिन्हें राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न स्थानों पर भेजा गया। बाद में उन्हें राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने दक्षिण कैंपस थाने में हरीराम गुप्ता और अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही तथा लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीजी संचालकों और श्रमिक ठेकेदार की भी तलाश की जा रही है। जांच में उनकी भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की टीमों ने करीब 27 घंटे तक मलबे में खोज एवं बचाव अभियान चलाया। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारी के मुताबिक घटनास्थल से मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है और उसके नीचे कोई अन्य व्यक्ति नहीं मिला। सोमवार शाम करीब 5:10 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर सभी टीमों को वापस बुला लिया गया।
पुलिस के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वालों में सोनभद्र, उत्तर प्रदेश निवासी 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, छत्तीसगढ़ निवासी 20 वर्षीय युवराज सोनी, औरैया, उत्तर प्रदेश निवासी 17 वर्षीय पवन, देवास, मध्य प्रदेश निवासी 19 वर्षीय अर्पित जहाज, कटनी निवासी 18 वर्षीय अक्षत सिंह यादव तथा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
हादसे में घायल असगर अली (30), नीरज बावा (19), आदित्य कुमार (19), नितिश छिब (19) और मोहम्मद अयान (18) का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार पांचों घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।








