गय्यूर मलिक
बेहट। सहारनपुर स्टोन क्रेशर्स एसोसिएशन की शनिवार को बेहट स्थित एक रिसोर्ट में बैठक हुई। इसमें खनन विभाग द्वारा स्टोन क्रेशर संचालकों के कथित उत्पीड़न सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से खनन विभाग की कार्रवाई के विरोध में स्टोन क्रेशरों की सामूहिक कार्यबंदी का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन के अनुसार सोमवार को बैठक के बाद सभी स्टोन क्रेशर बंद किए जाएंगे।
बैठक में प्रशासन की ओर से प्रस्तावित रैंप पट्टों के विरोध में भी निर्णय लिया गया। एसोसिएशन ने कहा कि कोई भी क्रेशर संचालक रैंप पट्टे के लिए आवेदन नहीं करेगा और न ही पट्टा लेगा। यदि किसी व्यक्ति या संस्था के नाम रैंप पट्टा स्वीकृत होता है तो एसोसिएशन से जुड़े क्रेशर उससे आरबीएम नहीं खरीदेंगे। इसके अलावा आगामी माह संचालित होने वाले खनन पट्टों के अनुबंध और संचालन को भी वर्तमान समस्या के समाधान तक रोकने का निर्णय लिया गया।
एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप राणा ने बताया कि बैठक में क्रेशर उद्योग से राज्य सरकार को प्राप्त होने वाले बिजली बिल, जीएसटी एवं अन्य राजस्व भुगतानों को भी तत्काल बंद करने के निर्णय पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि विरोध के साथ सभी व्यापारी जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
खनन कारोबारियों का कहना है कि खनन विभाग द्वारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न को एसोसिएशन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि क्रेशर उद्योग बंद होने से सरकार को राजस्व की क्षति होने के साथ ही घाड़ क्षेत्र के हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है।
बैठक में वीरेंद्र पाल, आदेश सिंह, मोहम्मद शफीक खान, मृत्युंजय, शिवराज सिंह, रणवीर सिंह सहित अन्य खनन कारोबारी मौजूद रहे।








