शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। आगामी झंडा मेले को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए सहारनपुर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की संयुक्त टीम ने माता शाकुंभरी देवी मंदिर एवं भूरा देव मंदिर परिसर में व्यापक मॉकड्रिल की। इस दौरान आपदा या आपातकालीन स्थिति में राहत-बचाव, रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, चिकित्सा सहायता और श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी की तैयारियों को परखा गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित मॉकड्रिल में पुलिस अधीक्षक यातायात शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी बेहट प्रिया यादव, उपजिलाधिकारी बेहट विकास कुमार पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह और थाना प्रभारी मिर्जापुर विनोद कुमार सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तथा विभिन्न राहत-बचाव दलों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
मॉकड्रिल के दौरान मंदिर परिसर में आकस्मिक आपदा की स्थिति की परिकल्पना करते हुए पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित बाहर निकालने, भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया गया। राहत-बचाव दलों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंदिर परिसर को खाली कराने की कार्रवाई भी की गई।

आपदा में प्रभावित दो व्यक्तियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए मौके पर ही सीपीआर यानी हृदय-फुफ्फुसीय पुनर्जीवन देने तथा प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने का अभ्यास किया गया। इसके बाद दोनों प्रभावित व्यक्तियों को एम्बुलेंस से तत्काल अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
संभावित जल आपदा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया। फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस टीम ने पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आपात स्थिति में त्वरित राहत-बचाव कार्य करने की प्रक्रिया भी परखी।
अधिकारियों ने मॉकड्रिल की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए राहत-बचाव दलों की कार्यप्रणाली, प्रतिक्रिया समय और आपसी समन्वय का जायजा लिया। संबंधित टीमों को निर्देश दिए गए कि झंडा मेले के दौरान किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें पूरी तरह सतर्क और तैयार रहें।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि झंडा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन राहत-बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।









