मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। नकली सिक्के तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने वाले गिरोह का सहारनपुर पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली सिक्के, सिक्के तैयार करने वाली मशीनें, लोहे की डाई और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने अब तक करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में चलाने की बात बताई है। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर ने रविवार को पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अपराध की रोकथाम और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जनपद में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर राजीव कुमार कौशिक के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम को लगाया गया था।
पुलिस के अनुसार 12 सितंबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह निवासी जीरकपुर, पंजाब, हिमांशु उर्फ गुल्लू निवासी बरसी थाना तीतरों, सहारनपुर, कुलदीप निवासी मेघाखेड़ी थाना नई मंडी मुजफ्फरनगर हाल निवासी आवास विकास सहारनपुर, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्धन निवासी मधुबनी बिहार और अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी भदोही के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20-20 रुपये के कुल 6,400 नकली सिक्के बरामद किए, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 500-500 रुपये के 20 नोट यानी कुल 10 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आठ मोबाइल फोन और दो कारें भी बरामद की हैं।
मामले की सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी सिक्के बनाने का सामान है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से पांच लोहे की डाई, सिक्के तैयार करने वाली छह मशीनें, 39 बिना मुहर की डाई और 20 मुहर लगी डाई मिली हैं। इसके साथ डाई पॉलिश करने की मशीन, दो घिसाई पत्थर, चार ब्रश, आठ रेती, पांच हथौड़े, लोहे की आरी, दो पाइप रिंच, शिकंजा, 16 रिंच, छह पाने, पेचकश, प्लास और बर्नियर कैलीपर्स भी बरामद किए गए।
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक कांटा और एक ओवन समेत करीब पांच लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के भी बरामद किए हैं। इसके अलावा सात हिसाब-किताब रजिस्टर एवं पैड और एक चेकबुक भी पुलिस के हाथ लगी है। बरामद सामग्री से पुलिस को आशंका है कि गिरोह काफी समय से नकली सिक्के तैयार करने का काम कर रहा था।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे सभी मिलकर मशीन और डाई की मदद से 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करते थे। इसके बाद इन सिक्कों को बाजार में चलाने के साथ ही सरकारी शराब के ठेकों, टोल टैक्स और अन्य स्थानों पर खपाया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि वे अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में चला चुके हैं। हालांकि इस दावे की पुलिस स्तर से जांच की जा रही है और गिरोह द्वारा वास्तव में कितनी रकम के नकली सिक्के चलाए गए, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिक्कों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और डाई आरोपियों तक कैसे पहुंचीं। साथ ही नकली सिक्कों को बाजार में खपाने वाले नेटवर्क, इनके खरीदारों और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद सात रजिस्टर और पैड को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। पुलिस इनके माध्यम से लेनदेन और गिरोह से जुड़े लोगों की जानकारी खंगाल रही है।
गिरफ्तार आरोपी हिमांशु उर्फ गुल्लू का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ नानौता थाने में वर्ष 2015 में झपटमारी, लूट और शस्त्र अधिनियम से संबंधित तीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 218/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार कौशिक, अतिरिक्त निरीक्षक प्रमोद कुमार, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, उपनिरीक्षक सत्येंद्र शर्मा सहित कोतवाली नगर पुलिस की टीम शामिल रही। एसओजी प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सक्सेना, स्वाट प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज पंवार और सर्विलांस टीम के पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।








