मनोज धनगर
नकुड़ (सहारनपुर)। गंगोह-अंबेहटा मुख्य मार्ग पर अंबेहटा के पास सड़क की हालत एक बार फिर खराब होने लगी है। कुछ माह पहले ही विधायक कीरत चौधरी के प्रयासों से सड़क को दुरुस्त कराया गया था, लेकिन चार-पांच महीने के भीतर ही कई स्थानों पर सड़क टूटने लगी है। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के निर्माण को ज्यादा समय नहीं बीता, इसके बावजूद जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने लगी है। मुख्य मार्ग पर उभर रहे गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। लोगों का सवाल है कि आखिर सड़क का निर्माण टिकाऊ तरीके से किया जा रहा है या फिर केवल खानापूर्ति कर काम पूरा किया जा रहा है।
बताया गया कि पीछे की ओर सड़क का काम भी अपनी रफ्तार से चल रहा है, लेकिन बारिश के दौरान हर बार इस मार्ग पर जलभराव की समस्या सामने आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क पर पानी जमा होने की समस्या पहले से सामने आती रही है तो निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की जाती। उनका कहना है कि ऐसी सड़क का क्या लाभ, जो कुछ ही महीनों में दोबारा गड्ढों में तब्दील होने लगे।
एक ओर प्रदेश सरकार सड़कों को बेहतर और आवागमन के योग्य बनाने पर जोर दे रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार मरम्मत कराने के बजाय सड़क की मजबूती और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
गंगोह-अंबेहटा मुख्य मार्ग क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग है, जो ग्रामीण क्षेत्रों को जिले से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करे और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।








