शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनगणना-2027 के फार्म में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम जोड़ने तथा पहले से मौजूद जातियों की ड्रॉपडाउन सूची प्रगणकों के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराने की मांग को कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ताओं ने आज जिला मुख्यालय के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोंकझोंक भी हुयी। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को सम्बोघित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग विभाग उत्तर प्रदेश के सलाहकार सदस्य अशोक सैनी ने कहा कि जनगणना फार्म में ओबीसी का कॉलम नहीं जोड़ा गया है। साथ ही जातियों की पूर्व निर्धारित सूची उपलब्ध कराने के बजाय जाति संबंधी जानकारी दर्ज करने के लिए ओपन-एंडेड प्रक्रिया अपनाने की बात सामने आ रही है। इससे जातियों के नाम दर्ज करने में विसंगतियां पैदा हो सकती हैं और एक ही जाति के अनेक नाम दर्ज होने से आंकड़ों की शुद्धता प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि सही जातिगत आंकड़े उपलब्ध नहीं होने पर पिछड़े और वंचित वर्गों की शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति का वास्तविक आकलन मुश्किल होगा। इसका असर आबादी के अनुपात में आरक्षण, सरकारी नौकरियों, संस्थानों और संसाधनों में हिस्सेदारी से जुड़ी नीतियों पर भी पड़ सकता है। ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सैनी और प्रदेश महासचिव वीर सेन योगी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जातिगत जनगणना में खामियां छोड़कर ओबीसी वर्ग के हक और अधिकारों को प्रभावित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मेहरबान आलम, ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अक्षय चैधरी, पूर्व पार्षद चंद्रजीत निक्कू, प्रदेश सचिव प्रवीण चैधरी, पूर्व प्रदेश सचिव सत्यम संयम भूरयान, सैनीव अरविंद पालीवाल सहित अन्य ने भी विचार रखे। ज्ञापन कार्यक्रम में गुलशेर आलम, एडवोकेट सतीश कश्यप, अनुज शर्मा, सतपाल बर्मन, रवि कुमार, रणवीर चैधरी, नसीब खान, अतर सिंह सैनी, सुरेंद्र सिंह सैनी, चरण सिंह सैनी, शहनाज बेगम, रमा देवी, लाखन कश्यप, दीपक सैनी, जगपाल चैधरी, एडवोकेट विक्की, विशाल, अभिषेक सैनी, अर्जुन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ता मौजूद रहे।








