शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला अब शहर में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक और नवाचार कर रही है। गौशाला में गेंदे के बीजों की मदद से सीड बॉल तैयार की जा रही हैं। इनका इस्तेमाल ढमोला और पांवधोई नदियों के किनारे सहित अन्य बंजर एवं खाली स्थानों को हरा-भरा करने के लिए किया जाएगा।
नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देशन में यह पहल शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि सीड बॉल ऐसे दुर्गम स्थानों पर हरियाली विकसित करने का सरल माध्यम है, जहां नियमित रूप से पहुंचना या पौधरोपण करना मुश्किल होता है। विशेष रूप से बंजर और ऐसे क्षेत्रों में जहां मिट्टी की स्थिति अनुकूल नहीं है, वहां सीड बॉल का उपयोग किया जा सकता है।
डॉ. मिश्रा के अनुसार सीड बॉल के लिए किसी विशेष उपकरण अथवा खेत की जुताई की आवश्यकता नहीं होती। अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर इनमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकते हैं। इससे खाली और बंजर क्षेत्रों में वनस्पति विकसित करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि सीड बॉल का उपयोग मिट्टी के कटाव को कम करने तथा पर्यावरणीय संतुलन को बेहतर बनाने के प्रयासों में भी किया जाता है। नगर निगम की योजना के तहत तैयार की जा रही इन सीड बॉल को महानगर क्षेत्र में ढमोला और पांवधोई नदी के किनारों तथा अन्य बंजर स्थानों पर इस्तेमाल किया जाएगा।
नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के खाली और अनुपयोगी स्थानों को धीरे-धीरे हरित क्षेत्र में बदलने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी है।








