शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पात्र बुजुर्गों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा रहा है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के निर्देशन में जनपद में योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1,00,796 लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया गया, जबकि 8,033 नवीन आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद बुजुर्गों को आर्थिक संबल मिला है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना ने बताया कि समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा है कि प्रदेश सरकार प्रत्येक पात्र बुजुर्ग को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पेंशन की धनराशि सीधे लाभार्थियों के आधार आधारित बैंक खातों में भेजी जा रही है, ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के जरूरतमंदों तक पहुंचे और वृद्धजन सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।
उन्होंने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर आमदनी के साधन सीमित हो जाते हैं और दूसरों पर निर्भरता बढ़ने लगती है। ऐसे में समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन योजना बुजुर्गों के लिए आर्थिक सहारा बन रही है। नियमित आर्थिक सहायता से लाभार्थी अपनी दैनिक जरूरतों, दवाइयों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में सक्षम हो रहे हैं।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में 1,00,796 बुजुर्गों को योजना का लाभ मिल रहा है। वहीं, 8,033 नए आवेदनों की स्वीकृति से योजना का दायरा बढ़ा है और अधिक पात्र वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
पेंशन की धनराशि सीधे आधार आधारित बैंक खातों में अंतरित किए जाने से वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र बुजुर्ग आर्थिक सहायता से वंचित न रहे और उसे सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग मिल सके।







