शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। दीपावली एवं गोवर्धन पूजा पर्व के दृष्टिगत जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने जनपद में निराश्रित गोवंश के संरक्षण और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अस्थायी गो-आश्रय स्थलों, वृहद गो-संरक्षण केंद्रों, कांजी हाउस और पंजीकृत गोशालाओं में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त चारे सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि दीपावली एवं गोवर्धन पूजा के दौरान सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर विचरण करने वाले निराश्रित गोवंश को सुरक्षित गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि उनके कारण होने वाली संभावित सड़क दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। सभी आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उन्होंने दीपावली एवं गोवर्धन पूजा के अवसर पर सभी गो-आश्रय स्थलों में विधिवत गो-पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पंडित अथवा आचार्य की व्यवस्था करने के साथ पूजा की थाली, रोली, चंदन, पुष्पमाला, गुड़ और फल आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि धार्मिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम संपन्न हो सकें।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर गो-पूजन और गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित कराने के निर्देश दिए। साथ ही दुग्ध सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव से समन्वय स्थापित कर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। पशु चिकित्साधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने गोवर्धन पूजा के अवसर पर जनसहभागिता के माध्यम से फल और हरे चारे का दान कराने तथा संरक्षित गोवंश को सम्मानपूर्वक आहार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। सभी पंजीकृत गोशालाओं, वृहद गो-संरक्षण केंद्रों और कांजी हाउस में विशेष सफाई कराने, चूने का छिड़काव करने तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। आवश्यकता के अनुसार स्थानीय सफाई कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
डीएम ने दीपावली से पूर्व सभी गो-आश्रय स्थलों के शेड, चारदीवारी और मुख्य द्वार की रंगाई-पुताई कराने तथा नालियों, चारा भंडारण स्थलों और पेयजल व्यवस्था की सफाई एवं मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। कार्य पूरा होने के बाद जनप्रतिनिधियों से गो-पूजन कराया जाएगा। प्रत्येक गो-आश्रय स्थल के अक्षांश और देशांतर सहित छायाचित्र उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है।
इसके अतिरिक्त गोबर से निर्मित दीपों और अन्य उपयोगी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार एवं विपणन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गो-आश्रय स्थलों से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिले और जनसहभागिता बढ़े। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में व्यवस्थाएं पूरी कर कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।







