गंगोह– कथाव्यास आचार्य रजनीश महाराज ने कहा कि कलयुग में भगवान को पाने के लिए किसी जप, तप, यज्ञ, पुजन अनुष्ठान की जरुरत नही केवल रामनाम सुमरण से ही भगवान को पाया जा सकता है।
बाबा बंशी वालों के सेवाभारती परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के चौथे दिन आचार्य रजनीश ने कहा कि धन सम्पदा अथवा अन्य साधनों से नही भगवान की प्राप्ति सच्ची साधना और निर्मल मन से संभव है। उन्होंने कहा कि कलयुग केवल नाम अधारा, सुमर सुमर नर होवें पारा। भगवत कथा को मोक्षदायनी बताते हुए आचार्य रजनीश ने कहा कि इसके श्रवण मात्र से तमाम संकट दूर होकर मानव का कल्याण होता है। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये। कथा के दौरान धार्मिक गीतों पर श्रद्धालु जम कर झूमें। कथा आरंभ होने से पूर्व कथा व्यास का स्वागत कर तथा माला पहनाकर व्यास गद्दी पर बैठाया। कथा में चौथे दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कथा सुनने पहुंचे।








