शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। वर्ष 2015 में देवबंद में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में करीब 11 साल बाद अदालत ने दो पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने तत्कालीन एसएचओ ब्रजमोहन यादव और एसआई वेदपाल सिंह को दोषी ठहराया। अदालत ने सजा सुनाने के लिए 6 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। फैसले के बाद दोनों दोषियों को पुलिस ने अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
मामला 6 अगस्त 2015 का है। महिला ने आरोप लगाया था कि पति की गिरफ्तारी के बाद उसके बारे में जानकारी लेने के लिए वह थाने पहुंची थी। आरोप के मुताबिक, वहां तत्कालीन एसएचओ समेत चार पुलिसकर्मियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर पीड़िता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी। जांच के बाद सीबीसीआईडी ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी, जिसे पीड़िता ने अदालत में चुनौती दी। अधिवक्ता राजीव तोमर के मुताबिक, लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत के फैसले पर पीड़िता ने संतोष जताया और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। अब 6 नवंबर को अदालत सजा के संबंध में अपना फैसला सुनाएगी। करीब 11 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।







