शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। प्राथमिक विद्यालय छुटमलपुर नंबर-2 में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें पृथ्वी को बचाने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका अंजली आर्य ने विद्यार्थियों को पृथ्वी दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पृथ्वी दिवस पहली बार वर्ष 1970 में मनाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य पर्यावरण के प्रति असंवेदनशील होता जा रहा है, जिसके चलते ओजोन परत में छेद, ग्लेशियरों का पिघलना, भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में पृथ्वी पर जीवन संकट में पड़ सकता है। जल संकट, गंभीर बीमारियां और प्रदूषण जैसी समस्याएं मानव जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अभी से जागरूक होकर पृथ्वी की रक्षा करना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर बच्चों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में सुंदर क्राफ्ट, चार्ट और पोस्टर तैयार किए, जिनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। बच्चों को बताया गया कि प्लास्टिक कचरा किस प्रकार पृथ्वी को प्रदूषित करता है और इसे कम करना क्यों आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया गया कि वे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करेंगे और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का प्रयास करेंगे। इस दौरान मंत्शा, स्माइल, आयशा, हमीरा, रीजा, अर्शी, अर्शी प्रवीन, फरहान, अबुजर, अहद, अशद अलीखान, असद सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।







