शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में नकुड़ स्थित केएलजीएम इंटर कॉलेज में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें घर-घर जाकर मकान सूचीकरण, मकानों की गणना और जनगणना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी गई, बल्कि डेमो जनगणना कराकर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे वास्तविक सर्वेक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
फील्ड ट्रेनर्स नाथी राम और मुकेश कुमार कुशवाह ने बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके लिए सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी से जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
जनगणना चार्ज अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने कहा कि इस बार की जनगणना में डिजिटल प्रणाली के साथ-साथ स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आम नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने सभी कर्मियों से कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जनगणना लिपिक आशीष कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण के बाद दूसरा चरण 27 अप्रैल से 29 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा, जिसमें शेष प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहेंद्र पाल, राजेश जैन, अनूप कुमार, संगीता रानी, विनोद कुमार, संजय कुमार, संदीप, योगिता बाला, रश्मि, जयबीर सहित कुल 30 प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जनगणना कार्य को समयबद्ध, सटीक और पारदर्शी तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य की योजनाओं के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।







