सहारनपुर में वाहन चोरी गैंग का खुलासा, जनकपुरी पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

सहारनपुर में जनकपुरी पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल, नकदी और कई कलपुर्जे बरामद किए हैं। आरोपियों ने कई घटनाओं में संलिप्तता कबूल की है।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। जनपद में लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जनकपुरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संगठित वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल सहित बड़ी मात्रा में कलपुर्जे बरामद किए हैं। इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल ने किया।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक नेमचंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 25 अप्रैल 2026 को सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हो गया।

गिरफ्तार आरोपियों में अंकित पुत्र राजेंद्र निवासी कपासी थाना नागल, असीम पुत्र शमीम, उस्मान पुत्र मोमीन और यूसुफ पुत्र शब्बीर निवासी नल्हेडा गाजी थाना गागलहेड़ी शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल, 4250 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, चार मोटरसाइकिल के ढांचे तथा कई कटी हुई मोटरसाइकिलों के कलपुर्जे बरामद किए हैं। बरामद सामान से यह स्पष्ट हो गया है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था और योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था।

पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि यह गिरोह मुख्य रूप से शहर के जिला अस्पताल क्षेत्र और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाता था। आरोपी पहले सुनसान या कम निगरानी वाले स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे और फिर उसे तुरंत अपने ठिकाने पर ले जाकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर देते थे। मुख्य आरोपी अंकित चोरी की बाइक लाकर अपने साथी असीम को सौंप देता था। असीम पकड़े जाने के डर से मोटरसाइकिल को तुरंत काटकर उसके अलग-अलग पुर्जे कर देता था, जिससे वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाए। इसके बाद इन पुर्जों को कबाड़ी कारोबार से जुड़े लोगों को बेच दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की है। अब पुलिस इन मामलों की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसकी कड़ियां अन्य जिलों तक भी जुड़ी हो सकती हैं।

इस संबंध में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही बरामद मोटरसाइकिल और पुर्जों के आधार पर अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल ने कहा कि जनपद में वाहन चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

जनकपुरी पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इस तरह की सख्ती से न केवल अपराधियों में डर का माहौल बनेगा, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

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