शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने स्पष्ट कहा कि आरटीआई मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सूचना उपलब्ध करानी होगी।
यह बैठक सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत लंबित मामलों की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के जन सूचना अधिकारी (PIO) और प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निगम, सहारनपुर विकास प्राधिकरण, विद्युत, खाद्य एवं रसद, सिंचाई एवं उद्यान विभाग सहित कई विभागों के लंबित प्रकरणों का बारीकी से विश्लेषण किया गया।

राज्य सूचना आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आरटीआई के तहत प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निस्तारण करना उनकी जिम्मेदारी है। यदि कोई आवेदन संबंधित विभाग से जुड़ा नहीं है, तो उसे अधिकतम पांच दिनों के भीतर संबंधित विभाग को स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसमें लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी पर अर्थदंड लगाया जाएगा।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सूचना आयोग द्वारा पिछले दो वर्षों में 50 हजार से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, जो पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक माह अपने यहां प्राप्त और लंबित आरटीआई आवेदनों की समीक्षा करें तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाएं।
बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कई अधिकारी आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों की पूरी जानकारी नहीं दे सके, जिस पर राज्य सूचना आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिनियम का गहन अध्ययन करें और अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता के साथ समझें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।

इस अवसर पर संतोष बहादुर सिंह ने आश्वासन दिया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और संबंधित विभागों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देता है और इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
बैठक में व्योम बिंदल, सलिल कुमार पटेल, कुलदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने आरटीआई मामलों के निस्तारण में तेजी लाने और पारदर्शिता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की दिशा में गति मिलेगी, बल्कि आम जनता को समय पर सूचना प्राप्त होने से शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।









