सहारनपुर में श्रमिक आरोग्य मेले शुरू, 3 मई तक स्वास्थ्य शिविरों में होगी जांच और उपचार

सहारनपुर में 28 अप्रैल से 3 मई तक श्रमिक आरोग्य मेले आयोजित, 147 श्रमिकों की जांच, मुफ्त दवाएं व हीट वेव से बचाव की जानकारी दी गई।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। जनपद में श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 28 अप्रैल से 3 मई तक श्रमिक आरोग्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने शिवपुरी स्थित इंडियन हर्ब्स फैक्ट्री परिसर में फीता काटकर की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिक समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, ऐसे में उनका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर ही जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिविरों में गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

शिविर में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांचें की गईं, जिनमें त्वचा रोग, नेत्र परीक्षण, शुगर जांच, रक्तचाप और सामान्य बीमारियों की जांच प्रमुख रही। कुल 147 श्रमिकों की जांच की गई, जिनमें 27 श्रमिकों में चर्म रोग के लक्षण पाए गए, जबकि 68 श्रमिकों की शुगर जांच की गई, जिसमें 5 मामलों में शुगर की पुष्टि हुई। इसके अलावा 125 श्रमिकों की आंखों की जांच भी की गई। सभी श्रमिकों को आवश्यक परामर्श के साथ-साथ निशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य शिविर में लगाए गए स्टॉल का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता की जांच करते हुए स्वयं उनकी समाप्ति तिथि (एक्सपायरी डेट) भी देखी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में समाप्त अवधि वाली दवाओं का उपयोग न किया जाए और सभी दवाएं मानकों के अनुरूप ही वितरित की जाएं।

इस दौरान श्रमिकों को भीषण गर्मी और हीट वेव से बचाव के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि अत्यधिक गर्मी शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। श्रमिकों को सलाह दी गई कि वे नियमित रूप से पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें, धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें और जरूरत पड़ने पर छाता या टोपी का उपयोग करें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार यह अभियान पूरे जनपद में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुवांरका, नागल, सुनहैटी खड़खड़ी, सरसावा, नकुड़ सहित सभी ब्लॉकों और औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. कुमुद रंजन, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़, इंडियन हर्ब्स के निदेशक सुधाकर अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के अनुपम गुप्ता सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्रशासन की ओर से श्रमिकों और आमजन से अपील की गई है कि वे हीट वेव से बचाव के उपायों को गंभीरता से अपनाएं और किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर न केवल श्रमिकों को त्वरित चिकित्सा सुविधा प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाते हैं।

यह अभियान जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने और श्रमिक वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

 

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