सहारनपुर नगर निगम बैठक: 78 करोड़ की सफाई आउटसोर्सिंग योजना पास, जन्म-मृत्यु सेवाएं बहाल

सहारनपुर नगर निगम की बैठक में 78 करोड़ की सफाई आउटसोर्सिंग योजना को मंजूरी मिली। पुराने शहर में जन्म-मृत्यु सेवाएं बहाल करने और ईद से पहले व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर की कार्यकारिणी समिति की बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 58 वार्डों में एक वर्ष के लिए सफाई व्यवस्था को आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालित करने हेतु लगभग 78 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

इस फैसले के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से सफाई कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, वहीं नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

बैठक के दौरान पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य मंसूर बदर ने प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने निगम में कार्यरत लगभग 1600 सीएलसी कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता जताई और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि 114 पृष्ठों के आरएफपी दस्तावेज को पढ़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे निर्णय प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है।

मंसूर बदर ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान नगर निगम की आय को लेकर भी विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने हाउस टैक्स, जलकर, सीवर कर और अन्य स्रोतों से होने वाली आय का अलग-अलग विवरण प्रस्तुत करने की मांग की। साथ ही जीआईएस सर्वे से संबंधित आपत्तियों और उनके वित्तीय प्रभाव पर भी चर्चा की।

पुराने शहर में जन्म-मृत्यु सेवाएं होंगी बहाल, नागरिकों को मिलेगी राहत

बैठक में पुराने शहर के वार्डों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित सेवाओं को पुनः नगर निगम स्तर पर बहाल करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर नगर आयुक्त शिपू गिरी और मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह ने सहमति जताते हुए संबंधित सेवाओं को शीघ्र पुनः शुरू करने के निर्देश दिए।

इस निर्णय से पुराने शहर के निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें लंबे समय से इन सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा था।

ईद से पहले सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश, पेयजल और रोशनी पर जोर

गर्मी को देखते हुए पार्षद मंसूर बदर ने वार्ड संख्या 43, 49, 62 और 70 में खराब पड़े मिनी ट्यूबवेल को तत्काल ठीक कराने की मांग की। इसके साथ ही आगामी ईद-उल-अजहा पर्व को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में नगर क्षेत्र और आसपास के 32 गांवों के कुल 167 पार्कों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से विकसित और संचालित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस दौरान आनंद नगर पार्क के सौंदर्यीकरण का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर सकारात्मक विचार किया गया।

बैठक में निगम के विभिन्न अधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति में सभी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए।

नगर निगम की इस बैठक में लिए गए फैसलों को शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, पार्षदों द्वारा उठाए गए सवाल यह भी संकेत देते हैं कि निगम में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीरता बढ़ रही है।

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