शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में आज आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी देहात मयंक पाठक ने थाना बेहट पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई का विस्तृत खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जनपद में अपराधों की रोकथाम एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना बेहट पुलिस को यह सफलता प्राप्त हुई है।
एसपी देहात मयंक पाठक ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि 26 अप्रैल 2026 को ग्राम रतनपुरा निवासी राहुल कश्यप द्वारा थाना बेहट में एक लिखित तहरीर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसकी गाय चोरी कर ली गई है तथा बाद में गाय के अवशेष गांव के खेत में पाए गए हैं। इस संबंध में थाना बेहट पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी बेहट के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार गश्त और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।
इसी क्रम में 29 अप्रैल 2026 को थाना बेहट पुलिस टीम स्वासौली पुल चौराहे पर संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ग्राम दाउदपुरा की ओर से एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर उसने वापस मुड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा किया और घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान रिजवान पुत्र गुफरान उर्फ भूरा निवासी ग्राम ताजपुरा थाना बेहट जनपद सहारनपुर के रूप में हुई। जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी थाना बेहट पर दर्ज मुकदमे में वांछित था।
एसपी देहात ने बताया कि आरोपी की मोटरसाइकिल की तलाशी लेने पर उसमें बंधे कट्टे से गोकशी में प्रयुक्त होने वाले उपकरण बरामद किए गए। मोटरसाइकिल बिना नंबर प्लेट की थी, जिसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर तीन दिन पहले ग्राम रतनपुरा के जंगल में गौकशी की घटना को अंजाम दिया था। उसने बताया कि गांव में शोर मच जाने के कारण वे कटे हुए गौवंश को मौके पर ही छोड़कर भाग गए थे। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह दोबारा गौकशी की योजना बनाकर निकला था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास की जांच में सामने आया कि उसके खिलाफ पहले भी गौवध निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह इस प्रकार की गतिविधियों में लंबे समय से शामिल रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रिजवान के खिलाफ वर्ष 2012 में भी गौवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज था। इसके अतिरिक्त वर्तमान मामले में भी वह वांछित था।
इस कार्रवाई में थाना बेहट पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें उपनिरीक्षक लोकेन्द्र सिंह, कांस्टेबल अभिषेक खोखर, हरेन्द्र सिंह और ब्रजवीर सिंह शामिल रहे। टीम ने सतर्कता और तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की।
एसपी देहात ने कहा कि जनपद में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।








