शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित केन्द्रीय जूडो प्रशिक्षण शिविर का समापन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में 15 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालकों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश के विभिन्न मंडलों से चयनित खिलाड़ियों ने भाग लिया।
यह शिविर 15 अप्रैल से 29 अप्रैल 2026 तक डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित किया गया। शिविर का संचालन क्रीड़ाधिकारी राहुल चोपड़ा के निर्देशन में किया गया, जिनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को जूडो की बारीकियों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान खिलाड़ियों को न केवल तकनीकी कौशल सिखाया गया, बल्कि अनुशासन, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
क्रीड़ाधिकारी राहुल चोपड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ, बरेली, आगरा, देवीपाटन और सहारनपुर मंडलों के अंतर्गत आने वाले जनपदों से चयनित प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया। इन खिलाड़ियों को अनुभवी और कुशल प्रशिक्षकों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनकी खेल प्रतिभा को और अधिक निखारने में मदद मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं। इनमें प्रशिक्षण के साथ-साथ आवास, भोजन, आने-जाने का किराया, अन्य आवश्यक व्यय, टी-शर्ट और प्रमाण पत्र शामिल रहे। इस प्रकार की व्यवस्थाओं से खिलाड़ियों को पूरी तरह से खेल पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला और उन्होंने पूरे समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया।
शिविर के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को टी-शर्ट और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर समाजसेवी प्रवीन कपूर उर्फ बबली ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता में उसके प्रशिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के बाद प्रशिक्षक ही वह व्यक्ति होता है, जिसे खिलाड़ी की उपलब्धियों पर सबसे अधिक गर्व और खुशी होती है।
कार्यक्रम में पार्षद गौरव कपिल सहित अन्य अतिथियों ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रदेश व देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक समान अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें और आगे बढ़ सकें।
समापन समारोह में डॉ. परवेज अली, लाल धमेन्द्र प्रताप, पुनीत कुमार आर्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
यह केन्द्रीय जूडो प्रशिक्षण शिविर न केवल खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, बल्कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिला है। इस तरह के आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिलता रहेगा और सहारनपुर जैसे शहर खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकेंगे।








