शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । जनपद सहारनपुर की तहसील नकुड़ में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में कुल 47 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से भूमि संबंधी मामलों में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक शिकायत सामने आई, जिसमें पैमाइश के बाद भी शिकायतकर्ता को कब्जा नहीं दिलाया गया था। जांच में पाया गया कि मामला लेखपाल स्तर पर लंबित पड़ा हुआ था। इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल संदीप कुमार (क्षेत्र फतेहपुर जट्ट, तहसील नकुड़) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही राजस्व निरीक्षक बाबूराम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों को लंबित रखना गंभीर लापरवाही है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक संतुष्टि भी मिले। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने भी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का समाधान समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से किया जाए, जिससे जनता का विश्वास बना रहे।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, उपजिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार, पीडी डीआरडीए प्रणय कृष्ण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रशासन जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








