शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर/तल्हेड़ी बुजुर्ग। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को ग्राम बचीटी में आयोजित की गई, जिसमें पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण को लेकर बड़े आंदोलन की घोषणा की गई। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने स्पष्ट कहा कि जब तक अलग पश्चिम प्रदेश का गठन नहीं हो जाता, तब तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि आजादी के बाद से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ लगातार उपेक्षा होती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के 26 जिलों को विकास की मुख्यधारा से दूर रखा गया, जिसे अब यहां की जनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकारों ने बड़े शैक्षणिक संस्थान, मेडिकल कॉलेज और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्वांचल में स्थापित कीं, जबकि पश्चिमी यूपी की अनदेखी की गई।
उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि लंबे समय से अधिवक्ताओं द्वारा की जा रही हाईकोर्ट की बेंच की मांग को भी नजरअंदाज किया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को न्याय पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वर्मा ने कहा कि प्रदेश को चार भागों में विभाजित कर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण समय की मांग है और इससे क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
भगत सिंह वर्मा ने दावा किया कि यदि अलग पश्चिम प्रदेश का गठन होता है तो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने किसानों के मुद्दों पर भी जोर देते हुए कहा कि अलग राज्य बनने पर फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा तथा गन्ने का मूल्य ₹700 प्रति कुंतल तय कर नकद भुगतान की व्यवस्था लागू की जाएगी।
बैठक में प्रदेश सचिव मोहम्मद मुखिया त्यागी ने कहा कि अब आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ा जाएगा और इस जनआंदोलन को और अधिक मजबूत किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से यह आंदोलन निश्चित रूप से सफल होगा।
बैठक की अध्यक्षता इश्तियाक त्यागी ने की। इस दौरान रिशिपाल गुर्जर, महबूब हसन, हाजी मन्नान त्यागी, चौधरी शरीफ अहमद, सलीम अहमद, मुस्ताक अली, शमशेर मोहम्मद, इनायत, एहतेशाम, कंवरपाल सिंह, उस्मान त्यागी, मोहम्मद जाहिद, इस्लाम त्यागी, अफजल, अमजद, अब्दुल त्यागी, मोहम्मद नासिर, शाहिद, रूकबान त्यागी, चौधरी एहसान, ग़ालिब त्यागी, मोहम्मद सुभान, नफीस त्यागी, नाजिम त्यागी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
यह बैठक क्षेत्रीय असंतोष और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बड़े जनआंदोलन की भूमिका तय करती नजर आ रही है। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा द्वारा किया गया यह ऐलान आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।








