शहरी चौपाल ब्यूरो
शामली। शामली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय हाईटेंशन तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के 10 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब ढाई टन चोरी किए गए बिजली के तार, चार वाहन और तार काटने के उपकरण बरामद किए हैं।
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए नरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार गिरोह के सदस्य एनसीआर सहित हरियाणा, राजस्थान, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ और शामली जैसे कई जिलों में हाईटेंशन लाइन से तार चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। उन्होंने बताया कि यह एक संगठित और शातिर गिरोह है, जो सुनियोजित तरीके से वारदात करता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से दो पिकअप वाहन, एक मारुति अर्टिगा और एक छोटा हाथी वाहन बरामद किया गया है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में तार काटने के उपकरण भी बरामद हुए हैं।
एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य पहले कार से क्षेत्र की रेकी करते थे और फिर रात के समय सुनसान स्थानों पर पहुंचकर हाईटेंशन लाइनों के तार काटते थे। आरोपी सुरक्षा के लिए दस्ताने और इलेक्ट्रिक वायर कटर मशीन का इस्तेमाल करते थे। चोरी के बाद तारों को तुरंत ले जाने के बजाय जंगल या सुनसान स्थानों पर छिपा दिया जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
पुलिस ने बताया कि बाबरी क्षेत्र में लगभग 1200 मीटर लंबाई के तार काटे जाने की घटना भी इसी गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थी। इस संबंध में विद्युत विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी थी।
गिरफ्तार आरोपियों में नई दिल्ली निवासी दीपक कुमार उर्फ गोलू, नितीश कुमार, नीरज, जुगनू, फरमान, मुशीद, बुलंदशहर निवासी इंद्रजीत और आकाश, फिरोजाबाद निवासी देवेंद्र गुप्ता तथा मुजफ्फरनगर निवासी अफसर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के छह अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में नई स्थापित हाईटेंशन लाइनों को निशाना बनाते थे और योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के संगठित अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।








