शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में किसानों को राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसल क्षति की भरपाई हेतु पात्र किसानों को मुआवजा चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने की।
कार्यक्रम के दौरान स्वराज (ग्राम जसमौर), सचिन काम्बोज (ग्राम गुमटी), महाविंद्र सिंह (ग्राम सोराना), कमलेश (ग्राम कमलेश) और मेघपाल (ग्राम जन्धेडी) सहित कुल 20 किसानों को मुआवजा राशि के चेक प्रदान किए गए। इन किसानों की खरीफ फसल प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से प्रभावित हुई थी, जिसके चलते उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।

जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा या अन्य विपरीत परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र किसान तक इस योजना का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के दावों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। साथ ही किसानों को योजना के प्रति जागरूक करने के लिए गांव स्तर पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़ सकें।
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं, जिससे किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी राजबीर, एसएमएस अमित कुमार तथा फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि गिरीश सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने किसानों को योजना से संबंधित जानकारी भी दी और उनके सवालों का समाधान किया।
किसानों ने मुआवजा राशि प्राप्त होने पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उन्हें हुए नुकसान की आंशिक भरपाई हो सकेगी और वे आगामी फसल की तैयारी बेहतर तरीके से कर पाएंगे।
यह कार्यक्रम न केवल किसानों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन किसानों के हितों के प्रति गंभीर हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।








