शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि किसान लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनका समयबद्ध निस्तारण बेहद आवश्यक है।
भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय सचिव विनय कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान से उनके कार्यालय में मुलाकात की और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान संगठन ने एक ज्ञापन सौंपते हुए कई प्रमुख मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान में हो रही देरी का रहा। किसानों ने कहा कि मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके। साथ ही यह भी मांग की गई कि जो चीनी मिलें भुगतान में लापरवाही बरत रही हैं, उन्हें आगामी सत्र में गन्ना आवंटन न किया जाए।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने गेहूं खरीद प्रक्रिया की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की। किसानों का कहना है कि समय पर खरीद न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भाकियू (टिकैत) ने सहकारी समितियों पर रासायनिक खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर खाद की कमी के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए उच्च स्तरीय निगरानी समिति गठित करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में सड़कों के निर्माण कार्यों और ईंट-भट्ठों पर किसानों की भूमि से हो रहे अवैध खनन पर भी चिंता जताई गई। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि इन मामलों में सख्ती से नियम लागू किए जाएं और किसानों की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त पॉपलर और यूकेलिप्टस जैसे पेड़ों को लेकर बढ़ रहे मेढ़ विवादों के समाधान, ग्राम सचिवों और लेखपालों की गांवों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा किसानों की फार्मर आईडी जल्द बनवाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और किसानों को जल्द राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।








