शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़/सहारनपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शिक्षा मित्र सम्मान समारोह में जनपद के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षा मित्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नकुड़ ब्लॉक के शिक्षा मित्र राजेश जैन समेत कुल 18 शिक्षा मित्रों को उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र, चेक एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज, सहारनपुर में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने प्रतिभाग किया। उन्होंने चयनित शिक्षा मित्रों को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की।
अपने संबोधन में कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि शिक्षा मित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसी क्रम में शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा मित्रों और उनके परिजनों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में आर्थिक राहत मिल सके। मंत्री ने शिक्षा मित्रों से सकारात्मक सोच के साथ कार्य करते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राजीव गुंबर, मुकेश चौधरी, अरविंद कुमार चौहान, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल पंवार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा मित्रों के योगदान को सराहा।
इस अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षा मित्रों ने देखा।
समारोह के दौरान जनपद के प्रत्येक विकास खंड से दो-दो शिक्षा मित्रों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर चयनित कर सम्मानित किया गया। नकुड़ ब्लॉक से राजेश जैन और पिंकी रानी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों की झलक भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग लगातार विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है और शिक्षा मित्र इस मिशन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
समारोह ने न केवल शिक्षा मित्रों के मनोबल को बढ़ाया, बल्कि उनके योगदान को समाज के सामने एक नई पहचान भी दी। उपस्थित शिक्षकों और अधिकारियों ने इस तरह के आयोजनों को शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया।








