अरविंद कौशिक
शामली। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक यादव की अध्यक्षता में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के तहत गेहूं क्रय की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित क्रय केंद्रों की प्रगति, किसानों को भुगतान की स्थिति तथा व्यवस्थाओं का विस्तार से आकलन किया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/जिला खरीद अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला प्रबंधक, मंडी सचिव एवं विभिन्न क्रय एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 30 मार्च 2026 से 29 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इन क्रय केंद्रों में खाद्य विभाग के 4, पीसीएफ के 16, पीसीयू के 6 तथा भारतीय खाद्य निगम (FCI) के 3 केंद्र शामिल हैं। अब तक 1934 किसानों से कुल 7504.77 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जबकि 4669.19 कुंतल गेहूं भारतीय खाद्य निगम को सुपुर्द किया जा चुका है।
संस्थावार खरीद के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि खाद्य विभाग द्वारा 301 किसानों से 974.40 मीट्रिक टन, पीसीएफ द्वारा 1022 किसानों से 3680.17 मीट्रिक टन, पीसीयू द्वारा 396 किसानों से 1867.30 मीट्रिक टन तथा एफसीआई द्वारा 215 किसानों से 982.90 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
किसानों के भुगतान के संबंध में बताया गया कि अब तक 1934 किसानों में से 1455 किसानों को 1526.03 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष किसानों का भुगतान भी नियमानुसार 48 घंटे के भीतर उनके आधार लिंक्ड बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक केंद्र पर आवश्यक उपकरण, बोरे और किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी केंद्र पर उपकरण खराब पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए और इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी क्रय केंद्र समय पर खुलें और प्रत्येक केंद्र प्रभारी सुबह 9 बजे ई-पॉप मशीन के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा तथा किसानों को हर संभव सुविधा प्रदान की जाएगी।








