शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने शुक्रवार को भूरादेव मंदिर से मां शाकम्भरी देवी मंदिर तक पहाड़ी नदी पर निर्माणाधीन सेतु, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था से विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक चरण का माइक्रो प्लान तैयार किया जाए और उसी के अनुसार कार्य को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर तेजी और गुणवत्ता दोनों दिखाई देनी चाहिए।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने निर्माण कार्य में अतिरिक्त मैनपावर और आधुनिक मशीनरी लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान गति से कार्य करना स्वीकार्य नहीं है और यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था कर कार्य को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रतिदिन कार्य की समीक्षा की जाए और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेतु निर्माण में उपयोग की जा रही तकनीक और वेल फाउंडेशन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर मानकों से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पुल श्रद्धालुओं और आम जनता की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है, इसलिए इसकी मजबूती और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण स्थल का लगातार निरीक्षण करते रहें ताकि कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही न हो। साथ ही उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी नियमित जांच कराई जाए।
मां शाकम्भरी देवी मंदिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां वर्षभर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और नवरात्रों के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में इस सेतु और पहुंच मार्ग का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्रीय विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी लंबे समय से इस मार्ग और पुल निर्माण की मांग की थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी राहत मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही बरसात के दौरान पहाड़ी नदी के कारण आने वाली समस्याओं से भी लोगों को निजात मिल सकेगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही को भी व्यवस्थित रखा जाए।
इस अवसर पर सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर भारद्वाज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की प्रगति और आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी।
जिलाधिकारी के इस निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधा मिल सके।








