शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। थाना कुतुबशेर पुलिस ने नशीला पदार्थ पिलाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली धातु की दो डलियां, एक चैन व लॉकेट, पांच मोबाइल फोन, नकदी, फर्जी नंबर प्लेट और चोरी की स्कूटी एक्टिवा बरामद की है। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार 1 मई 2026 को एक महिला ने थाना कुतुबशेर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित हरदीप उर्फ दीपा ने दूध और खाने की वस्तु में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और घर से जेवरात व अन्य सामान चोरी कर फरार हो गया। मामले में थाना कुतुबशेर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम के पर्यवेक्षण में थाना कुतुबशेर प्रभारी एच.एन. सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबनी वाले कब्रिस्तान के पास तालाब किनारे से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरदीप उर्फ दीपा निवासी न्यू गोपाल नगर सहारनपुर, नीरज तनेजा निवासी गदरपुर उधमसिंह नगर उत्तराखंड, चांद उर्फ चंदू निवासी खालापार मुजफ्फरनगर और गुलशन उर्फ मोनू निवासी न्यू गोपाल नगर सहारनपुर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48 हजार रुपये नकद, पीली धातु की दो डलियां, एक चैन मय लॉकेट, पांच मोबाइल फोन, फर्जी नंबर प्लेट और एक स्कूटी एक्टिवा बरामद की। जांच में पता चला कि बरामद स्कूटी मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में कई गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी की है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, चोरी, साजिश और फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल करने सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हरदीप उर्फ दीपा के खिलाफ सहारनपुर, हरिद्वार, यमुनानगर और रामपुर सहित विभिन्न जिलों में चोरी, धोखाधड़ी, नशीला पदार्थ देकर लूट और आर्म्स एक्ट के 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं आरोपी चांद उर्फ चंदू पर भी चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह लंबे समय से लोगों को नशीला पदार्थ खिलाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। गिरोह के सदस्य पहले लोगों से परिचय बढ़ाते थे और फिर विश्वास जीतकर वारदात को अंजाम देते थे।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक एच.एन. सिंह, उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र, उपनिरीक्षक भूपेश शर्मा, महिला उपनिरीक्षक स्वेता शर्मा, कांस्टेबल मोनू कुमार, आशीष कुमार और सद्दाम हुसैन शामिल रहे। पुलिस टीम की कार्रवाई की अधिकारियों ने सराहना की है।








