सहारनपुर में बच्चे से बेरहमी से मारपीट, चोट के निशान के बावजूद एफआईआर न होने पर लोगों में रोष

सहारनपुर देहात कोतवाली क्षेत्र में बच्चे से कथित मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल। शरीर पर चोट के निशान के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। थाना देहात कोतवाली क्षेत्र में एक मासूम बच्चे के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। बच्चे के शरीर पर चोट और डंडों के निशान साफ दिखाई देने के बावजूद कई दिन बीत जाने पर भी एफआईआर दर्ज न होने से लोग पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तत्काल मामले का संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता पूजा वर्मा पत्नी गौरव वर्मा निवासी द्वारिकापुरी कॉलोनी, रामनगर पुलिस चौकी के निकट, थाना कोतवाली देहात ने थाना प्रभारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 15 मई की शाम करीब सात बजे उनका बेटा युवराज वर्मा गली में खेल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले प्रशांत और उसकी मां रेखा ने बच्चे पर हमला कर दिया।

पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने डंडे से बच्चे की पिटाई की और उसकी छाती तथा गुप्तांग पर भी हमला किया। महिला का आरोप है कि मारपीट के दौरान बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद बच्चा काफी डरा हुआ है और परिवार भय के माहौल में जी रहा है।

परिजनों का कहना है कि बच्चे के शरीर पर चोटों के नील और डंडों के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। परिवार को आशंका है कि गंभीर मारपीट के कारण बच्चे की पसलियों में भी चोट आई हो सकती है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने से परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से वह लगातार थाना देहात कोतवाली के चक्कर काट रही हैं। उन्होंने कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की और जनप्रतिनिधियों से भी मदद मांगी, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब बच्चे के शरीर पर चोटों के साफ निशान मौजूद हैं तो पुलिस आखिर किस बात का इंतजार कर रही है। क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।

लोगों ने कहा कि छोटे बच्चों के साथ इस प्रकार की हिंसा बेहद गंभीर अपराध है और पुलिस को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाओं का मनोबल बढ़ सकता है।

इस संबंध में जब थाना देहात कोतवाली के एसएचओ से फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि थाने का सर्वर डाउन चल रहा है, जिसके कारण एफआईआर दर्ज करने में तकनीकी दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सर्वर ठीक होगा, रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि तकनीकी समस्या के चलते इतनी गंभीर घटना में देरी होना उचित नहीं है। लोगों ने मांग की है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले में हस्तक्षेप करें और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वे भय और तनाव के माहौल में जी रहे हैं। महिला ने बताया कि उनका पति बाहर नौकरी करता है और वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ अकेली रहती हैं। ऐसे में आरोपी पक्ष की धमकियों के कारण परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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