शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर नगर निगम के महापौर डॉक्टर अजय सिंह डॉ. अजय कुमार ने सफाई कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि नगर निगम कर्मचारी हितों की पूरी रक्षा करेगा और किसी भी कर्मचारी के अधिकारों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से अपील की कि वे शहरवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व की भांति नियमित रूप से अपना कार्य करते रहें तथा ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़े।
नगर निगम कार्यालय में सफाई कर्मचारियों और उनकी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में महापौर ने यह बातें कहीं। सफाई कर्मचारियों ने अपनी यूनियनों के नेताओं बृज मोहन चिनालिया, सोनी आजाद, अविनाश बिरला और राहुल बाल्मीकि के नेतृत्व में महापौर से मुलाकात कर नगर निगम द्वारा 58 वार्डों में लागू की जा रही समग्र सफाई व्यवस्था को लेकर अपनी विभिन्न आशंकाओं और समस्याओं से अवगत कराया।
महापौर डॉ. अजय कुमार ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि नई व्यवस्था में किसी भी कर्मचारी के हितों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा लागू की जा रही समग्र सफाई व्यवस्था का उद्देश्य शहर को और अधिक स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाना है। इससे न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि नगर निगम सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। कर्मचारियों द्वारा साप्ताहिक अवकाश, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। महापौर ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा नगर निगम की जिम्मेदारी है और प्रशासन इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा।
महापौर ने सभी सफाई कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि सफाई कार्य एक आवश्यक सेवा है और इसे पूरी जिम्मेदारी एवं संवैधानिक दायित्व के साथ निभाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी हुई है, इसलिए सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी कर्मचारी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखेंगे।
डॉ. अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था में सफाई नायकों और कार्यवाहक सफाई नायकों की जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को वर्तमान में प्रतिदिन दिए जा रहे 422.85 रुपये का भुगतान पूर्व की तरह जारी रहेगा। इसके अलावा ईएसआई और ईपीएफ की राशि भी नियमानुसार प्रत्येक माह कर्मचारियों के बैंक खातों में समय से भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। कर्मचारियों की समस्याओं को संवाद और आपसी सहयोग से हल किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
बैठक में उपसभापति Mayank Garg मयंक गर्ग, वरिष्ठ पार्षद मुकेश गक्खड़, दिग्विजय चौहान, नीरज शर्मा, चौधरी वीरसेन सिद्धू और राजेंद्र कोहली सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने कर्मचारियों से शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखने की अपील की।
सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर महापौर द्वारा दिए गए आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।
बैठक के दौरान नगर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। महापौर ने कहा कि नगर निगम और कर्मचारी मिलकर शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य करेंगे तथा किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।








