सहारनपुर। अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन गुरु गद्दी ऊन/शुक्रताल के तत्वावधान में देवला स्थित सतगुरु रविदास आश्रम में वार्षिक सत्संग का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी समर्थ महाराज सतगुरु स्वामी समनदास महाराज ने की। सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और संत शिरोमणि सतगुरु रविदास जी महाराज की महिमा का गुणगान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणि सतगुरु रविदास जी महाराज एवं सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज की आरती वंदना के साथ हुआ। सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का श्रवण किया। पूरे कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के आयोजक महात्मा राजबीर दास ने उपाध्यक्षता करते हुए कहा कि सतगुरु का सत्संग भाग्यशाली लोगों को प्राप्त होता है। सत्संग के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है और अच्छे मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि सतगुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं से अनेक राजा-महाराजा भी प्रभावित हुए और उनके सेवक बने। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से बुरे कर्मों से दूर रहकर सत्कर्मों में लगने का आह्वान किया।
पत्रकार एसडी गौतम ने अपने संबोधन में सतगुरु रविदास जी महाराज और स्वामी समनदास जी महाराज की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जीवन में समय का महत्व समझना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरुजनों द्वारा दिए गए मिशन को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए युवाओं को आगे आकर समाज में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
एसडी गौतम ने कहा कि समाज को अंधविश्वास और पाखंडवाद से दूर रहकर शिक्षा और जागरूकता की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही प्रगति का आधार होता है और युवाओं को आपसी भाईचारे, सम्मान और सामाजिक एकता की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से सामाजिक कुरीतियों को त्यागकर शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महात्मा सतीश दास खरखड़ी, सहव्यवस्थापक सनवीर दास, महात्मा रामकुमार दास, महात्मा मांगेराम दास और सुधीर दास ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने संत रविदास जी महाराज के संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन मूलचंद चौहान ने किया। सत्संग से पूर्व गांव मुल्लापुर से आश्रम देवला तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते और नाचते-गाते नजर आए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने सतगुरु रविदास जी महाराज के जयकारे लगाए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर कृष्णपाल, चंद्रदास, प्रदीप दास, बिहारी दास, नीटू रविदासिया, राजू दास, फुल्ला दास, सतपाल दास, नाथीराम, प्रवीण कुमार, आजाद सिंह, राजा गौतम, अनिल केशव, पंकज मौर्य, अनुज चंदेना, ताऊ रंगीला, निर्मलदास, पंकिता, भावना सिंह, तानिया, शालू, उर्मिला, संतोष और मानवी सहित हजारों श्रद्धालु एवं अनुयायी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए समाज में शिक्षा, भाईचारा और जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।








