सहारनपुर में बकरा मंडी को लेकर विवाद, पशु व्यापारियों को परेशान करने का आरोप, पार्षदों ने एसएसपी से की कार्रवाई की मांग

सहारनपुर में ईदुल अजहा से पहले बकरा मंडी में पशु व्यापारियों को परेशान किए जाने के आरोप को लेकर पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी अभिनंदन सिंह को ज्ञापन सौंपा। झूठी शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई रोकने और व्यापारियों को राहत देने की मांग की गई।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। ईदुल अजहा पर्व के मद्देनजर शहर में लगने वाली बकरा मंडियों को लेकर विवाद गहराने लगा है। पशु व्यापारियों को कथित रूप से परेशान किए जाने और झूठी शिकायतों के आधार पर पुलिस कार्रवाई कराने के विरोध में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि वर्षों से लग रही पारंपरिक पशु मंडियों में व्यापारियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए और बेवजह उत्पीड़न रोका जाए।

पार्षद एवं नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य मंसूर बदर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को बताया कि सहारनपुर शहर में कई वर्षों से ईदुल अजहा के अवसर पर अलग-अलग स्थानों पर पशु पैठ लगती रही है। इनमें बासठ फीटा क्षेत्र की भैंसा मंडी और मैसूर पैलेस के सामने सड़क के दूसरी ओर लगने वाली बकरा मंडी प्रमुख है। इन मंडियों में सहारनपुर समेत आसपास के जिलों और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में पशु व्यापारी अपने पशु बेचने के लिए पहुंचते हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर झूठी शिकायतें कर पुलिस को मौके पर बुला लेते हैं, जिससे मंडी में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है। इससे दूर-दराज से आए व्यापारियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गंगोह, अंबेठा, चिलकाना और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले व्यापारी पूरे वर्ष इस मौके का इंतजार करते हैं और ईदुल अजहा के दौरान होने वाला व्यापार उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

पार्षदों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सड़क पर अव्यवस्थित ढंग से व्यापार करता है या यातायात बाधित करता है तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है, लेकिन व्यवस्थित रूप से सड़क किनारे व्यापार कर रहे पशु व्यापारियों के साथ नरमी और संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार केवल अफवाह या झूठी शिकायतों के आधार पर पुलिस कार्रवाई होने से माहौल खराब होता है और व्यापार प्रभावित होता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि झूठी शिकायत कर माहौल बिगाड़ने वाले लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मंडियों में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखते हुए व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, ताकि ईदुल अजहा के अवसर पर शांतिपूर्ण ढंग से व्यापार संपन्न हो सके।

एसएसपी से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पार्षद समीर अंसारी, रईस पप्पू, सईद सिद्दीकी, जफर अंसारी, इजहार मंसूरी, गुलजेब खान, आसिफ अंसारी, महमूद हसन, डॉ. मंसूर, अधिवक्ता जावेद, मेनपाल तथा इमामबाड़ा कमेटी से जुड़े दानिश आब्दी और कमाल मलिक सहित कई लोग शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसा समाधान निकालेगा जिससे व्यापारियों और आम जनता दोनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। ईदुल अजहा से पहले बकरा मंडियों को लेकर उठे इस मुद्दे ने शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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