शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के समर्थकों को बुधवार को जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद जेल परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और कश्यप समाज के लोगों ने फूल-मालाओं के साथ सभी का जोरदार स्वागत किया। समर्थकों की रिहाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखाई दिया और जेल परिसर नारेबाजी से गूंज उठा।
गौरतलब है कि डीआईजी कार्यालय में हुए विवाद के बाद पुलिस ने राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के विरोध में सांसद इकरा हसन के नेतृत्व में थाना सदर बाजार में देर रात तक धरना-प्रदर्शन चला था। बाद में नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ था और गिरफ्तार लोगों को रिहा किए जाने की बात कही गई थी।
बुधवार को करीब दोपहर 12 बजे मांगेराम कश्यप समेत सभी समर्थकों को जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और कश्यप समाज के लोगों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया।
रिहाई के बाद मांगेराम कश्यप ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को राजनीतिक दबाव में जेल भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी अन्याय के खिलाफ हमेशा संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि वह और उनके साथी किसी अपराध में शामिल नहीं थे, बल्कि पीड़ित परिवार की आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।
मांगेराम कश्यप ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की आवाज दबाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने सत्ता के दबाव में कार्रवाई की, लेकिन जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का धन्यवाद करते हुए कहा कि अखिलेश यादव लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे और उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया।
इस दौरान पार्षद अभिषेक “टिंकू” अरोड़ा ने भी भाजपा सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना और पीड़ितों के समर्थन में खड़ा होना कोई अपराध नहीं है। लेकिन वर्तमान सरकार में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
अभिषेक “टिंकू” अरोड़ा ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा गरीब, पिछड़े, दलित और शोषित वर्ग की आवाज उठाती रही है और आगे भी जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पार्टी कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने एकजुट होकर संघर्ष किया, उससे यह साबित हो गया कि अन्याय के खिलाफ लोग अब खुलकर सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता भाजपा सरकार की कार्यशैली को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संघर्ष के समय जो समर्थन मिला, वह कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
रिहाई के दौरान पार्षद अभिषेक “टिंकू” अरोड़ा, वसीम चौधरी, डॉ. मोनिश, हसन चौधरी, सलीम, फैसल सलमानी, जमाल साबरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और कश्यप समाज के लोग मौजूद रहे। जेल परिसर के बाहर “अखिलेश यादव जिंदाबाद” और “इकरा हसन संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा।








