गय्यूर मलिक
बेहट। बेहट क्षेत्र के गांव खुर्रमपुर स्थित सिद्धनाथ सिद्ध कुटी आश्रम में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान और तपस्या कार्यक्रम श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना रहा। बाल योगी महंत तुरताई नाथ के शिष्य योगी मनभाई नाथ उर्फ मोनी बाबा ने भीषण गर्मी के बीच 11 धूनियों के मध्य रहकर लगातार 41 दिनों तक कठिन अग्नि तपस्या पूर्ण की। तपस्या पूर्ण होने के उपरांत सुंदरकांड पाठ, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
आश्रम परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति देकर विश्व कल्याण, देश की तरक्की और समाज में सुख-शांति की कामना की। तपस्या पूर्ण होने के बाद सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बाल योगी महंत तुरताई नाथ ने बताया कि उनके शिष्य योगी मनभाई नाथ उर्फ मोनी बाबा ने सिद्धनाथ सिद्ध कुटी आश्रम में अग्नि के बीच रहकर 41 दिनों तक कठिन तपस्या की। उन्होंने कहा कि यह तपस्या देश में सुख, शांति, समृद्धि और मानव कल्याण के उद्देश्य से की गई है।
योगी मनभाई नाथ उर्फ मोनी बाबा ने कहा कि तपस्या आत्मशक्ति और आत्मसंयम का मार्ग है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 41 दिनों तक अग्नि तपस्या देश की खुशहाली, समाज में भाईचारे और विश्व शांति की कामना के लिए की है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में तप और साधना का विशेष महत्व है तथा इससे समाज को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। सुंदरकांड पाठ के समय पूरा आश्रम परिसर धार्मिक भजनों और मंत्रोच्चारण से गूंज उठा। हवन के दौरान श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रों के बीच आहुति दी और सभी के मंगल की कामना की।
इस अवसर पर पंच केशवनाथ महाराज, सिद्ध भैरव तंत्राचार्य सहजानंद महाराज, महंत भूपेंद्र नाथ, भाजपा के उत्तराखंड प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार, जिला प्रचार प्रमुख संजीव कुमार, पूर्व विधायक नरेश सैनी, योगेंद्र महाराज सेलाकुई, देवेंद्र राणा, दिनेश सिंघल, सुखपाल सिंह, सुमित धीमान, निखिल धीमान, पूर्णिया नाथ महाराज, साहब सिंह, कृष्ण और अन्य सेवादार मौजूद रहे।
धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।








