शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पप्पू कश्यप हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने सोमवार से पुलिस लाइन परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार, ग्रामीणों और भाकियू तोमर पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि घटना के मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर पुलिस लाइन पहुंचे। आंदोलन का नेतृत्व भाकियू तोमर के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र तोमर और जिलाध्यक्ष सौरभ त्यागी ने किया। प्रदर्शनकारी अपने साथ दरी, गद्दे और भोजन बनाने की व्यवस्था भी लेकर पहुंचे। धरना स्थल पर किसानों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार किया और वहीं भोजन ग्रहण किया।
भाकियू तोमर पदाधिकारियों ने बताया कि 23 अप्रैल 2026 को ग्राम गांगनौली, थाना यमुनानगर क्षेत्र में हुए पप्पू कश्यप हत्याकांड में अजित और अमरनाथ नामक आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई। संगठन ने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ सख्त न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
धरने के दौरान संगठन ने कई अन्य मुद्दों को भी उठाया। भाकियू तोमर नेताओं ने आरोप लगाया कि 3 मई 2026 को थाना नागल में शुफियान और शाबान के खिलाफ मुकदमा संख्या 0151/26 फर्जी तरीके से दर्ज किया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर मुकदमा वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा गागलहेड़ी, सिडकी और नागल थाना क्षेत्रों में कथित अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना था कि अवैध खनन से क्षेत्र की सड़कें और पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा।
भाकियू तोमर ने गागलहेड़ी थाना पुलिस पर किसानों और व्यापारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। संगठन ने इस मामले की जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही तासीपुर निवासी दो युवकों का कथित अवैध हथियारों के साथ वायरल वीडियो सामने आने का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।
धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में जिलेभर से और अधिक किसान आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
धरने के चलते पुलिस लाइन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से वार्ता का प्रयास भी किया जा रहा है।









