शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई द्वारा रेलवे रोड स्थित जिला मुख्यालय कार्यालय पर एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, लोकतंत्र में उसकी भूमिका तथा बदलते मीडिया परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि 30 मई हिंदी पत्रकारिता के इतिहास का एक स्वर्णिम दिवस है। इसी दिन वर्ष 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता से हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन प्रारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल ने हिंदी पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी और आज यह लोकतंत्र का एक सशक्त तथा प्रभावशाली स्तंभ बन चुकी है।
शीतल टंडन ने कहा कि पिछले लगभग दो सौ वर्षों में हिंदी पत्रकारिता ने जनजागरण, सामाजिक सुधार, राष्ट्रीय चेतना और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। पत्रकारिता केवल समाचारों के संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने, जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का कार्य भी करती है। इसी कारण पत्रकारिता को न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के बाद लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाचार पत्र और मीडिया संस्थान केवल खबरें देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ज्ञान, विचार, विश्लेषण और जनमत निर्माण के महत्वपूर्ण मंच बन चुके हैं। राजनीति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान, खेल, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन इसके बावजूद समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की विश्वसनीयता आज भी बनी हुई है।
श्री टंडन ने हिंदी पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले महान पत्रकारों और संपादकों का स्मरण करते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी, कन्हैया लाल मिश्र प्रभाकर, विष्णु प्रभाकर, धर्मवीर भारती और प्रभाष जोशी जैसे पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं आधुनिक दौर में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने हिंदी भाषा और पत्रकारिता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि सहारनपुर जनपद की पत्रकारिता का इतिहास भी गौरवशाली रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से लेकर वर्तमान समय तक यहां के पत्रकारों ने समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को उजागर करने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार केवल घटनाओं का विवरण प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे समाज को सही दिशा दिखाने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने का दायित्व भी निभाते हैं।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने भी पत्रकारिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक तथा जनहितकारी पत्रकारिता किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं तथा उनकी भूमिका हमेशा सम्मान और सराहना की पात्र रही है।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के. सूरी, रमेश डावर, अभिषेक भाटिया, पवन कुमार गोयल, मुरली खन्ना, अंकित टंडन, अशोक मलिक सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक नमन किया तथा समाज हित में निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया।








