पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र में जल्द होगी ई-ऑक्शन, समीक्षा बैठक

सहारनपुर मंडल की उद्योग बंधु बैठक में निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक विकास, ई-ऑक्शन और लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर दिया गया।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। सहारनपुर मंडल में औद्योगिक विकास, निवेश को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान को लेकर शनिवार को “मण्डलीय उद्योग बंधु” की बैठक आयोजित की गई। बैठक जिलाधिकारी सहारनपुर की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय कैंप में वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न हुई। बैठक में मंडल के विभिन्न जनपदों से जुड़े औद्योगिक, निवेश और आधारभूत संरचना विकास से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग सहारनपुर द्वारा किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा मेरठ ने जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक क्षेत्र पिलखनी में दुकानों के भूखंडों के आवंटन हेतु ई-ऑक्शन संबंधी पत्रावली यूपीसीडा मुख्यालय कानपुर में मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जा चुकी है। अनुमोदन प्राप्त होने के बाद 1 जून 2026 के पश्चात ई-ऑक्शन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। इस पर अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि मुख्यालय स्तर पर समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराया जाए ताकि इच्छुक उद्यमियों को जल्द से जल्द अवसर उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में जनपद शामली से संबंधित एक महत्वपूर्ण परियोजना की भी समीक्षा की गई। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शामली विजय चौक से औद्योगिक आस्थान तक लगभग चार किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण तथा डिवाइडर पर प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने के प्रस्ताव को शासन स्तर पर भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। नई दरों के अनुसार लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत का आगणन तैयार किया जा रहा है। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रस्ताव को शीघ्र शासन को भेजकर परियोजना की स्वीकृति सुनिश्चित कराई जाए।

बैठक में जीएसटी रिफंड मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। संयुक्त आयुक्त राज्य कर ने बताया कि सहारनपुर जोन में पिछले एक वर्ष के दौरान कुल 702 आईटीसी रिफंड आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 691 का निस्तारण कर दिया गया है। शेष 11 आवेदन आपत्तियों के साथ वापस किए गए हैं तथा वर्तमान में कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में नियमों के अनुरूप पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश कोविड इमरजेंसी वित्त पोषण योजना के अंतर्गत मुजफ्फरनगर स्थित मैसर्स रामा इंडस्ट्रीज को वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में आयुक्त कार्यालय की ओर से शासन को पत्र भेजने के निर्देश उपायुक्त उद्योग मुजफ्फरनगर को दिए गए ताकि संबंधित इकाई को समय पर लाभ मिल सके।

बैठक के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अध्यक्ष ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मंडल के जनपदों में निर्धारित समय सीमा से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों और उद्यमियों को अनावश्यक विलंब या प्रशासनिक बाधाओं का सामना नहीं करना चाहिए तथा निवेश संबंधी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।

उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में विभिन्न विकासात्मक मुद्दों को उठाते हुए सुझाव प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि उद्योगों के विकास, निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन को गति देने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। साथ ही उद्योगों से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में आयुक्त सहारनपुर मंडल डॉ. रूपेश कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी, उपायुक्त उद्योग अजय त्रिपाठी, एसीआई मुजफ्फरनगर आशीष कुमार, उपायुक्त उद्योग शामली रितिका गुप्ता, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद सडाना, कन्वीनर सुनील सैनी, लघु उद्योग भारती के अनुपम गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन तथा उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभागीय समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।

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