शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कांग्रेस पार्टी के महानगर कार्यालय पर शनिवार को लोकमाता रानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रानी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, उनके आदर्शों, सुशासन, समाज सेवा तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की उन महान महिलाओं में शामिल हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर केवल एक शासक नहीं थीं, बल्कि जनता की सच्ची सेवक और लोकमाता थीं, जिन्होंने अपने शासनकाल में न्याय, धर्म, विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1725 में महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में जन्मी अहिल्याबाई ने उस दौर में शिक्षा प्राप्त की, जब महिलाओं की शिक्षा को समाज में प्रोत्साहन नहीं दिया जाता था। उन्होंने मराठी, संस्कृत और युद्धनीति का ज्ञान प्राप्त किया तथा बाद में होलकर राजवंश की बहू बनीं। पति खंडेराव होलकर की युद्ध में मृत्यु और बाद में पुत्र तथा ससुर के निधन जैसी व्यक्तिगत त्रासदियों के बावजूद उन्होंने साहस नहीं खोया और राज्य की बागडोर संभालकर एक आदर्श शासिका के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।
मनीष त्यागी ने कहा कि वर्ष 1767 से 1795 तक चले उनके शासनकाल को भारतीय इतिहास में सुशासन का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा की, अकाल के समय करों में राहत दी और व्यापार तथा उद्योग को बढ़ावा दिया। महेश्वर को वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जहां से प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियों की शुरुआत हुई।
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में धार्मिक और सामाजिक संरचनाओं के निर्माण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण से लेकर सोमनाथ, बद्रीनाथ, रामेश्वरम और द्वारका सहित अनेक तीर्थ स्थलों पर मंदिर, घाट, धर्मशालाएं और कुएं बनवाए। उनके कार्य केवल धार्मिक नहीं थे, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने वाले भी थे।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की समर्थक थीं। उन्होंने विधवा विवाह को सामाजिक स्वीकृति दिलाने तथा महिलाओं को संपत्ति संबंधी अधिकार देने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए। उनके शासनकाल में महिलाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में सेवादल अध्यक्ष इमरान कुरैशी, अल्पसंख्यक कांग्रेस महानगर अध्यक्ष आरिश सिद्दीकी, उपाध्यक्ष नीरज कपिल, पीसीसी सदस्य धर्मपाल जोशी, सचिव शहबाज आजाद, अमित राठौर, सुनील राठौर, यूनुस अंसारी, पंकज सैनी, नसीब खान सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को अपनाने और समाज सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।








