शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी क्षेत्र का दौरा कर हाल ही में अचानक आए जलप्रवाह से हुई दुर्घटना की समीक्षा की। उन्होंने बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकंभरी देवी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया तथा अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत, पुनर्वास और भविष्य की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दुर्घटना, राहत कार्यों और प्रस्तावित विकास योजनाओं की जानकारी दी। वहीं डीआईजी अभिषेक सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने सुरक्षा और पुलिस व्यवस्थाओं का विवरण प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने भूरा देव मंदिर से मां शाकंभरी देवी मंदिर तक प्रस्तावित एलिवेटेड ब्रिज और सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अतिरिक्त श्रमिक लगाकर निर्माण कार्य को शारदीय नवरात्र तक पूरा करने का प्रयास किया जाए। यदि किसी कारणवश ऐसा संभव न हो तो दिसंबर तक परियोजना को हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि पुल निर्माण पूरा होने तक श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही शाकंभरी खोल को चैनलाइज करने और जलभराव की स्थिति में सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने पार्किंग व्यवस्था को बाबा भूरा देव मंदिर के निकट उपयुक्त स्थान पर विकसित करने तथा खोल के दोनों किनारों पर बोल्डर लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आपदा मनुष्य के नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन आधुनिक तकनीक और समय पर चेतावनी प्रणाली के माध्यम से जनहानि और धनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ से हुई जनहानि और आर्थिक नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों और अन्य नुकसान झेलने वाले लोगों का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि मां शाकंभरी देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी श्रद्धालु को बिना दर्शन किए वापस न लौटना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कपिल देव अग्रवाल, जसवंत सैनी, मांगेराम चौधरी, डॉ. अजय सिंह, देवेंद्र निम, किरत सिंह, राजीव गुंबर, श्रीचंद शर्मा, अजीत राणा, शीतल विश्नोई, राघव लखनपाल शर्मा, प्रदीप चौधरी, नरेश सैनी, भानु भास्कर सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री के दौरे को शाकंभरी क्षेत्र के विकास और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








