शहरी चौपाल ब्यूरो
छुटमलपुर/सहारनपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति उस समय सामने आ गई जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रवीण कुमार ने मंगलवार सुबह अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति से लेकर कई आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने तक अनेक खामियां उजागर हुईं। सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि निर्धारित 45 स्वास्थ्य सेवाओं में से केवल 20 सेवाएं ही वर्तमान में संचालित हो रही हैं।
मंगलवार सुबह सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल देव के साथ सीएचसी फतेहपुर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर कोई चिकित्सक या अन्य कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, प्रसूति सेवाओं, वार्डों तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी जांच की गई। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली, जिस पर संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर उपचार व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
सीएमओ और उप सीएमओ ने ब्लड बैंक का भी निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध रक्त भंडार, अभिलेखों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई तकनीकी और प्रशासनिक कमियां भी अधिकारियों के संज्ञान में आईं।
इस दौरान अस्पताल पहुंचे क्षेत्रीय नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। स्थानीय निवासी सरोज देवी, प्रेरणा, धर्मेंद्र शर्मा और वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल की एक्स-रे सुविधा पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। उनका कहना था कि मशीन कभी-कभार कुछ दिनों के लिए चालू होती है, लेकिन फिर बंद हो जाती है, जिससे मरीजों को निजी केंद्रों पर महंगे दामों में जांच करानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बावजूद तकनीशियन की नियुक्ति न होने के कारण यह सुविधा लंबे समय से बंद पड़ी हुई है। इससे गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों और लैबों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
निरीक्षण के बाद सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि कुछ कर्मचारी ड्यूटी के समय अनुपस्थित पाए गए हैं, जिन्हें चेतावनी जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुल 45 निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं में से केवल 20 सेवाएं ही संचालित हैं। शेष सेवाओं को जल्द शुरू कराने और अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सीएमओ ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना विभाग की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाएं।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि सीएमओ के निरीक्षण के बाद अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं में सुधार होगा और लंबे समय से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में भी हलचल देखने को मिली और कर्मचारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।








